कहा कि आयुक्त ने बातचीत में बताया कि बड़ी संख्या में लोगों ने 950 रुपये वाले रेट से मुआवजा लेने की सहमति जताई है, जिसका 4 गुना मुआवजा दिया जाएगा। इस पर राजेश ने बताया कि जमीन के मूल मालिक (भूमिधर ) ने जिनकी जमीन के कागजात हैं उनमें से किसी ने भी सहमति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किया है।
केवल आबादी की जमीन पर घर बनाकर रहने वाले कुछ लोगों से लेखपाल और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने बिना मुआवजा राशि बताए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करवा लिए हैं। उद्यमियों की मांग पर आयुक्त ने प्रकरण की जांच करवा कर शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया। इस दौरान विनय प्रताप सिंह, नवीन सिंह, सुशील,अजय गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।