केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा का जलस्तर तीन दिनों में 3.33 मीटर तक ऊपर आ गया है। बुधवार को करीब 50 सेंटीमीटर तक गंगा का जलस्तर बढ़ा। बुधवार रात से बहाव कम हुआ, लेकिन 10 मिलीमीटर प्रति घंटे की दर से गंगा का जलस्तर बढ़ता रहा।
सीढि़यों पर डूब गए मंदिर।
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इन घाटों का टूट सकता है संपर्क
मर्णिकर्णिका घाट और विश्वनाथ मंदिर गंगा द्वार की ओर से आवागमन भी बंद होने की स्थिति में आ चुका है। वहीं घाटों पर कीचड़ और गंदगी पसर गई है। पानी बढ़ा तो अस्सी-तुलसी, मणिकर्णिका-गंगा द्वार, तुलसी-भदैनी समेत कई घाटों पर आवागमन बाधित हो सकता है। मणिकर्णिका घाट के राहुल पंडित ने बताया कि यदि छह फीट पानी और चढ़ा तो मणिकर्णिका घाट के बचे दोनों प्लेटफॉर्म भी डूब जाएंगे।
पहाड़ों पर हुई बारिश का पानी पहुंच रहा बनारस
काशी में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और अब इसका असर घाटों पर साफ दिखाई देने लगा है। बुधवार तक गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर से लगभग 8 मीटर नीचे है। पहाड़ी इलाकों और पश्चिमी यूपी में हो रही भारी बारिश के चलते गंगा का पानी तेजी से बनारस में आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी स्थिति अगस्त महीने में देखी जाती है।