लखपति देवी के पड़ोसी वकील शिव बहादुर पटेल ने बताया कि लखपति देवी पिछले 15 दिनों से उनके घर पर ही रह रही हैं। उनके परिवार वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया है। शिव बहादुर ने एसडीएम सदर और पुलिस उपायुक्त से शिकायत भी दर्ज कराई। लेकिन, सुनवाई का कोई खास असर नहीं हुआ।
आंखों में आंसू और पैरों में सूजन के साथ बुधवार को गांव वालों के सहारे विकास भवन पहुंचीं लखपति देवी ने रो-रोकर अपना दर्द बयां किया। बोलीं, होली पर वह मायके गईं थीं। जब लौटकर आईं तो उनके पति, बेटों और बहू ने उन्हें खूब मारा। इससे पैर टूट गया। पैरों की सूजन आज तक नहीं गई। पति, बेटों और बहू की इस कारस्तानी को अधिकारियों गंभीरता से लिया और चारों को खूब फटकार लगाई। हिदायत दी और कहा कि सुधार जाओ। फिर शिकायत की तो खैर नहीं होगी।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- बड़ी कार्रवाई: दीनदयाल अस्पताल के सीएमएस हटाए गए, डॉक्टर दिग्विजय सिंह को मिली जिम्मेदारी
लखपति देवी के पड़ोसी वकील शिव बहादुर पटेल ने बताया कि लखपति देवी पिछले 15 दिनों से उनके घर पर ही रह रही हैं। उनके परिवार वालों ने उन्हें घर से निकाल दिया है। शिव बहादुर ने एसडीएम सदर और पुलिस उपायुक्त से शिकायत भी दर्ज कराई। लेकिन, सुनवाई का कोई खास असर नहीं हुआ। तब उन्होंने एल्डर हेल्पलाइन पर संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई। लखपति ने बताया कि होली के समय वह अपने मायके पांडेयपुर गई थीं।
अपने भतीजे संग जब घर लौटीं तो पति, बेटों और बहू ने भतीजे के सामने ही उन्हें खूब पीटा इससे पैर टूट गया। भतीजे ने अपने घर ले जाकर इलाज कराया। वापस घर आने के कुछ दिन बाद फिर से सबने उसकी पिटाई की और घर से निकाल दिया। तब से वह वकील के घर रह रही हैं। सीनियर सिटीजन अधिकारी अमन पाठक ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए पति मंगला प्रसाद और दोनों बेटों मुलायम व प्रदीप और बहू संगीता को बुलाकर खूब खरी-खोटी सुनाई। इलाज और सही देखभाल करने के लिए सात दिनों की मोहलत दी। उन्होंने कहा कि आठवें दिन वह फिर से लखपति का हाल जानेंगे। अगर लखपति ने शिकायत की तो तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।