वाराणसी। चौकाघाट लहरतारा फ्लाईओवर के तीसरे शिरे के निर्माण में सीवर लाइन बाधा बनी है। इस निर्माण को शुरू कराने के लिए सेतु निगम ने कमिश्नर दीपक अग्रवाल और डीएम कौशल राज शर्मा को रिपोर्ट भेजी है। इसमें सेतु निगम और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त जांच समिति ने दो विकल्प सुझाए हैं। पहला तीसरे शिरा की लंबाई बढ़ा दी जाए। दूसरा चौकाघाट से कैंट की ओर सर्विस लेन की चौड़ाई बढ़ा दी जाए। प्रशासन की ओर से जो विकल्प चुना जाएगा उसी आधार पर सेतु निगम आगे की कार्यवाही करेगा।
सेतु निगम के महाप्रबंधक दीपक गोविल ने बताया कि 129.73 करोड़ रुपये की योजना में चौकाघाट लहरतारा शिरा चालू हो गया है। तीसरा शिरा इंग्लिशिया लाइन के निर्माण कार्य के लिए कुछ पाइलिंग कराई गई है। सड़क के बीचोंबीच गहरी सीवर लाइन के चलते पाइल डालने में दिक्कतें आ रही हैं। आईआईटी कानपुर की तकनीकी टीम से जीपीएस आधारित सर्वे कराया गया। इसके लिए दोनों ओर जमीन का अधिग्रहण करना पड़ेगा, जिस पर प्रशासन तैयार नहीं है। काम शुरू कराया गया तो एक ओर जहां सीवर लाइन के टूटने का खतरा है तो वहीं दूसरी ओर यातायात की समस्या खड़ी हो सकती है। वर्तमान में तीसरे शिरे की लंबाई 551 मीटर है, जिसे 490 मीटर और बढ़ाने की सिफारिश की गई है। इससे साजन की ओर से निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। लेकिन इस कार्य को शुरू करने में समय और लागत दोनों बढ़ जाएगी। इस डिजाइन पर निर्माण कार्य हुआ तो 2 साल का अतिरिक्त समय और लगेगा। समिति ने दूसरा विकल्प सुझाया है कि यदि चौकाघाट की ओर से कैंट आने वाले सर्विस लेन को तीन मीटर से बढ़ाकर 5.5 मीटर करा दिया जाए तो यातायात की समस्या का समाधान हो जाएगा। तीसरे शिरे से काशी विद्यापीठ ओर उतरने वाले नीचे-नीचे सर्विस लेन से चले जाएंगे। इनकी जानकारी कमिश्नर और डीएम को दी गई है। जिला प्रशासन के निर्णय लेने पर आगे की कार्रवाई होगी।