आरोपी देवर और मृतका भाभी।
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डॉ. सपना दत्ता गुप्ता की हत्या की असल वजह ससुर डॉ. रजनीकांत दत्ता की छह करोड़ की संपत्ति और काशी विद्यापीठ स्थित एक बैंक में 80 लाख की एफडी है। इसी संपत्ति पर हक को लेकर डॉ. सपना और देवर अनिल सहित तीन अन्य भाइयों से विवाद चल रहा था। वारदात से दो दिन पूर्व भाभी और देवर के बीच मारपीट भी हुई थी और दोनों तरफ से सिगरा थाने में तहरीर भी पड़ी थी।
पिछले 20 जून को भी परिवार में मारपीट का माहौल उपजा था। माना जा रहा है कि सिगरा पुलिस की लचर कार्यशैली और लापरवाहियों के चलते मारपीट की घटना हत्या में बदल गई। देवर अनिल हत्या की नियत से ही हथौड़ी लेकर अपने कर्मचारी रौशन के साथ पहुंचा था। परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना से दो दिन पूर्व अनहोनी की आशंका व्यक्त करते हुए सिगरा पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई गई थी लेकिन, पुलिस ने अनसुनी कर दी।
कांग्रेस के पूर्व विधायक डॉ. रजनीकांत के पांच पुत्रों में डॉ. अश्विनी कुमार दत्ता, डॉ. अंजनी कुमार दत्ता, अनिल कुमार दत्ता, डॉ. आशीष कुमार दत्ता व अमित कुमार दत्ता हैं। तीसरे नंबर के पुत्र आरोपी अनिल का तीन मेडिकल स्टोर है। घरेलू कलह को लेकर अनिल संत रघुवरनगर कालोनी का मकान छोड़कर विश्वनाथ गली में रहने लगा था, जबकि अंजनी और छोटे भाई अमित कालोनी स्थित मकान में रहते थे। जबकि बडे़ पुत्र डॉ. अश्विनी की 16 अप्रैल को कोरोना से मौत हो गई थी।
पिता की विद्यापीठ रोड स्थित एक बैंक में 80 लाख की एफडी है और करीब छह करोड़ की संपत्ति अलग से है। आरोप है कि दूसरे नंबर के पुत्र डॉ. अंजनी कुमार गुप्ता की पत्नी डॉ. सपना दत्ता गुप्ता ससुर की संपत्ति पर अपना अधिकार रखती थी। इसे लेकर अनिल सहित तीन अन्य भाइयों अक्सर विवाद होता था। घटना के बाद से सपना की दो पुत्रियों और पति डॉ. अंजनी दत्ता बेसुध रहे। डॉ. अंजनी दत्ता की तहरीर पर सिगरा पुलिस ने भाई अनिल दत्ता और उसके कर्मचारी रौशन के खिलाफ हत्या सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया।
मां की खून से सने शरीर को देख दोनों बेटियां काफी मर्माहत रहीं। आंखों से सिर्फ आंसू ही बह रहे थे। वहीं पति डॉ. अंजनी के साथ ही ससुर डॉ. रजनीकांत भी मौन और बेसुध रहे। पड़ोस के रहने वालों के मुंह से यही निकलता रहा कि आखिर संपत्ति को लेकर कोई इतना कैसे निर्दयी हो सकता है।