साथी मजदूरों और ठेकेदार संजय को लेकर बीएचयू स्थित ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। उधर, 30 मिनट के बाद ही उपचार के दौरान संजय ने दम तोड़ दिया। साथी मजदूरों का आरोप रहा कि चिकित्सा में लापरवाही के चलते मजदूर संजय की जान चली गई और ठेकेदार समय से दवा का इंतजाम नहीं करा सका।
चितईपुर थानाध्यक्ष मिर्जा रिजवान बेग के अनुसार घटना के बारे में मजदूरों से ठेकेदार के बारे में जानकारी ली जा रही है। उधर, संजय की मौत के बाद पत्नी आरती और दो बच्चों का रो रोकर बुरा हाल था।