उत्तर दिशा में मुख कर घर में मौजूद भगवान की प्रतिमा को पीले रंग के वस्त्र पहनाकर, धूप-दीप से वंदन करें। भगवान को पुष्प अर्पित करें, चंदन लगाएं। भगवान कृष्ण को दूध-दही, मक्खन विशेष पसंद हैं, ऐसे में इसका प्रसाद बनाएं और भगवान को अर्पित करें, सभी को वही प्रसाद दें।
कान्हा के जन्मोत्सव को लेकर काशी में सज गए बाजार
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जन्माष्टमी पर शहर के मठ-मंदिरों में भी झांकियां सजाने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। 19 अगस्त को रात्रि में जन्मोत्सव मनाया जाएगा। 20 अगस्त को नंद महोत्सव मनाया जाएगा और मध्याह्न एक बजे नंद महोत्सव के दर्शन होंगे। हरेकृष्ण हरे राम संकीर्तन सोसाइटी की ओर से श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की शुरुआत 18 अगस्त को होगी।
शोभायात्रा प्रात: 6.30 बजे से अन्नपूर्णा नगर कॉलोनी से आरंभ होगी। चंदुआ सट्टी, शहीद उद्यान होते हुए यात्रा महमूरगंज के रास्ते माहेश्वरी भवन पहुंचेगी। शोभायात्रा बालकृष्ण के मनोहारी छवि के साथ निकलेगी। इस्कॉन मंदिर दुर्गाकुंड में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की शुरुआत 19 अगस्त से होगी। 20 अगस्त को इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद का आविर्भाव दिवस मनाया जाएगा। 19 अगस्त को 24 घंटे का कीर्तन महाभिषेक, महाआरती और प्रसाद वितरण होगा। ब्यूरो
श्री कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव के अवसर पर बुधवार से जय श्री कृष्णा फाउंडेशन की ओर से मारवाड़ी युवक संघ लक्सा में कार्यक्रम की शुरुआत हो गई। पहले दिन जहां वृंदावन के कलाकारों द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। तीन दिवसीय आयोजन में लड्डू गोपाल फैशन शो, प्रभु की रथयात्रा, आरती थाल, डांडिया क्वीन, फैंसी ड्रेस प्रतियोगिताएं होगी। समापन कृष्णोत्सव महारास से होगा।