रबी की फसलों के बुआई का सीजन है। किसान जल्द से जल्द धान बेचकर अगली फसल की बुवाई करना चाहते है। उन्हें खरीद केंद्रों पर धान बेचने का टोकन 2021 का मिल रहा है। केंद्र पर धान बेचने का इंतजार करेंगे तो फसल के बोने का समय निकल जाएगा। ऐसे में उन्हें मजबूरन 1100 रुपये प्रति क्विंटल धान बेचना पड़ रहा है। यही स्थित जिले के सभी विकास खंडों में हैं। अधिकारियों का दावा है कि जिले में 44 केंद्रों पर खरीद हो रही है। जबकि आधे से अधिक केंद्र चालू नहीं हो सके हैं।
सरकारी समर्थन मूल्य पर धान की बिक्री के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होता है। इसके बाद किसान को धान विक्री के लिए टोकन नंबर और तारीख जारी की जाती है। तभी सरकारी क्रय केंद्रों पर किसान धान बेच सकते हैं। मगर चोलापुर विकासखंड में इस वर्ष मात्र दो धान क्रय केंद्र भदवा और रौनाकला में है। जहां पंजीकरण करने के बाद 2021 का टोकन मिल रहा है। रौनाकला क्रय केंद्र के प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि केंद्र पर धान विक्री के लिए बीते एक माह में अब तक 200 से अधिक किसान पंजीकरण करा चुके हैं। 18 किसानों से 400 क्विंटल से अधिक धान की खरीद की गई है। भदवा क्रय केंद्र की जानकारी न होने से किसानों का दबाव एक ही केंद्र पर पड़ रहा है। इसलिए पंजीकरण करा रहे किसानों को 2021 का तक टोकन मिल रहा है।
किसान बोले, समय से नहीं हो रही खरीद
अधिकारियों का दावा कुछ भी है लेकिन हकीकत में धान समय से नहीं बेच पा रहे हैं। धान खरीद केंद्र पर टोकन देकर बाद में आने का समय दिया रहा है। जबकि अगली फसल की बुआई के लिए पैसे की जरूरत हैं। मजबूरन 1100 रुपये प्रति क्विंटल धान बेचना पड़ रहा है। ऐसे में नुकसान तो किसानों को हो रहा है।
-धर्मेंद्र, किसान चोलापुर
क्रय केंद्रों पर धान खरीद में हो रही देरी का लाभ बिचौलिए ले रहे हैं। शासन ने सामान्य धान की कीमत 1868 रुपये प्रति क्विंटल और उच्च गुणवता के धान की कीमत 1888 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जबकि जो 1100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रहे हैं।
-भानुप्रताप सिंह, किसान चोलापुर
जिले में अभी तक कुल 38 क्रय केंद्र खोले गए थे। जिन पर धान की विक्री के लिए करीब 26 सौ से अधिक किसानों ने पंजीकरण कराया है। हालांकि पंजीकरण प्रक्रिया जारी है। नौ केंद्र और खोले जाने की मंजूरी मिली है। जिसकी ऑनलाइन फीडिंग की प्रक्रिया जारी है। जो बृहस्पतिवार तक पूरी हो जाएगी।
अरुण कुमार तिवारी, जिला विपणन अधिकारी
चिरईगांव में कागजों पर चार केंद्र, मात्र एक केंद्र पर खरीद
सरकारी धान क्रय केंद्र खुलने के लगभग एक माह बीत जाने के बाद भी अस्तित्व में नहीं आए हैं। धान बेचने के लिए किसान परेशान हैं। जनपद में धान क्रय की औपचारिक शुरुआत 15 अक्तूूबर से हुई थी। विकास खंड में एक धान क्रय केंद्र विपणन शाखा गौराकला पर ही शुरुआत हुई है। अन्य नामित केंद्रों पर अभी पोस्टर बैनर तक नहीं लगा है। गौराकला केंद्र प्रभारी कैलाश ने बताया कि विकास खंड में इसी केंद्र पर खरीद हो रही है। किसानों का दबाव भी अधिक है। वहीं जिला खाद्य विपणन अधिकारी अरुण कुमार त्रिपाठी का कहना है कि चिरईगांव में यूपी एग्रो का भगतुआ केंद्र और गोपपुर व छाही सहकारी समिति पर भी धान क्रय केंद्र शुरू होगा। रैमला के दरोगा यादव, शिव दशा के बसंत, जाल्हूपुर के अभय छितौना के कैलाश आदि किसानों का कहना है कि धान क्रय केंद्र नहीं होने से सरकारी समर्थन मूल्य 1885 रुपये के सापेक्ष ग्यारह सौ से बारह सौ रुपये की कीमत दे रहे हैं।