फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चुनाव नतीजों से बदलेगी पूर्वोत्तर की राजनीति: किरेन रिजिजू

Thu, 01 Mar 2018 02:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
गोष्ठी में बोलते हुए केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बनारस पहुंचे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार कहा कि त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में भाजपा की स्थिति मजबूत है। इस बार चुनाव नतीजों से पूर्वोत्तर की राजनीति बदलेगी।
विज्ञापन


उन्होंने दावा किया कि तीनों राज्यों में साथियों से तालमेल कर भाजपा सरकार बनाएगी। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री सारनाथ स्थित केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षण संस्थान में आयोजित अंतराष्ट्रीय सम्मेलन में शिरकत करने पहुंचे थे।

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के तीनों राज्यों में उन्होंने खुद प्रचार किया। बहुत ही लोकतांत्रिक तरीके से वहां चुनाव संपन्न हुआ। वहां उग्रवाद और अन्य विभिन्न कारणों से दिक्कतें रही हैं।
विज्ञापन


पूर्व की केंद्र सरकारों के उदासीन रवैए के चलते भी पूर्वोत्तर का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया लेकिन अब पूर्वोत्तर का माहौल बदलने वाला है। पीएम मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है।
विज्ञापन

परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों का विकास जरूरी

केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू को स्मारिका देकर सम्मानित करते कुलपति प्रोफेसर नवांग समतेन - फोटो : अमर उजाला
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि खर्चीली चिकित्सा पद्धतियों को देखते हुए भारतीय समाज में परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों का विकास जरूरी है। ‘सोवा रिग्पा’ शताब्दियों से भारत के हिमालयी क्षेत्रों और तिब्बत में प्रचलित एक ऐसी चिकित्सा पद्धति है, जिसका विकास बौद्ध धर्म के साथ-साथ हुआ।

इस चिकित्सा पद्धति को आध्यात्मिक परंपरा का संबल भी प्राप्त है। ऐसे ही कई अन्य चिकित्सा पद्धतियां भारतीय समाज में हैं। इन सबका विकास जरूरी है ताकि जब तक हम जीवित रहें शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ रहें। 

केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने ‘सोवा रिग्पा’ पर दिल्ली में सेमिनार के आयोजन का सुझाव दिया। सम्मेलन में विभिन्न देशों से 201 प्रतिनिधि शामिल हुए। विशिष्ट अतिथि केंद्रीय भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष प्रो. वनिथा मुरलीकुमार ने कहा कि इस समय पूरे विश्व में तिब्बती चिकित्सा पद्धति प्रसारित हो रही है।

इस पद्धति की शुद्धता और विशेषता को बनाए रखने पर सर्वाधिक ध्यान देना होगा। संस्थान के कुलपति प्रो. नवांग समतेन ने कहा कि हमें आधुनिक विज्ञान का उपयोग परंपरागत तिब्बती चिकित्सा पद्धति के विकास में करना होगा।

इससे पहले अतिथियों को सम्मानित किया गया। सम्मेलन के सहसंयोजक चाग्पोरी मेडिकल कॉलेज दार्जिलिंग के निदेशक डॉ. टीआर ठोगावा ने सम्मेलन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें