प्रतिमा विसर्जन का सर्वमान्य हल निकालने के लिए गुरुवार को कमिश्नरी सभागार में प्रबुद्धजनों की हुई बैठक में तय हुआ कि बवाल न हो, शांति से त्योहार बीते। इसके लिए आमजन की हर कदम पर मदद करने को पुलिस और प्रशासन तैयार हैं।
आतंकी घटना के बाद भी यह शहर गंगा जमुनी तहजीब के लिए मिसाल बना है। प्रशासनिक अधिकारियों ने विसर्जन की तैयारियों के बारे में बताया गया। जिस पर अधिकतर पूजा समितियों ने संतुष्टि जताई।
बैठक में अधिवक्ता हरिशंकर सिंह ने कहा कि यह शहर गंगा जमुनी तहजीब के लिए मिसाल रहा है। हाईकोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।
शिक्षा से जुड़े दीपक मधोक ने कहा कि शिक्षित लोगाें का मौन रहना गंभीर है। चौराहों पर हाईकोर्ट के आदेश को चैलेंज करना ठीक नहीं है। हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करना चाहिए। मुफ्ती ए शहर मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने कहा कि किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।
कोई अप्रिय घटना हो तो 100 नंबर पर फोन करें। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस से संपर्क करें। काशी की परंपरा मिल जुलकर रहने की है। इसे बरकरार रखने की जिम्मेदारी सभी की है। राजदीप सिंह ने पूजा समितियों को अनुमति लेने में आने वाली दिक्कतों के बारे में बताया।
इस मौके पर कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, डीएम राजमणि यादव, डीआईजी एसके भगत, एसएसपी आकाश कुलहरि, एडीएम सिटी विंध्यवासिनी राय के अलावा स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती, संत संतोष दास, विधायक श्याम देव राय चौधरी, रवींद्र जायसवाल, अब्दुल समद अंसारी, रीबू श्रीवास्तव, तिलक राज कपूर, प्रदीप अग्रहरि, प्रेम मिश्रा आदि लोगों ने अपने विचार रखे।