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काशी में आज उतरेगा दीपों का तारामंडल

Sun, 30 Oct 2016 01:50 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
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दीपावली
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अमावस की रात यानी दिवाली की रात काशी का हर कोना रोशनी से नहाएगा। कहीं आतिशी नजारों से आसमान में सतरंगी छटा बिखरेगी तो कहीं पटाखों के शोर गूंजेंगे। गंगा की लहरों पर दीयों की लड़ियां इतराएंगी। हर दिल में उत्सव होगा और चेहरे पर खुशी का संचार। महालक्ष्मी के पदचिह्न उकेर कर घर-घर में दीपोत्सव की कतारें दमकेंगी। घाटों से लेकर सघन भीड़ से जूझने वाले चौराहों-तिराहों तक ऐसा ही नजारा होगा। दीपोत्सव की पूर्व संध्या पर लाल, नीली, पीली लतरें जगमगाने लगीं। फूलों के वंदनवार द्वारों पर लटकने लगे। ऊंची इमारतों, भवनों, प्रतिष्ठानों के अलावा मंदिरों के शिखर सजा दिए गए। रंगोली, स्वस्तिक के प्रतीकों से हर घर-आंगन सजा-संवरा। बहरी अलंग से लेकर गंगा के तटों तक खुशियों की चमक छाई नजर आई।
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काशी में ज्योति पर्व के रंगीन नजारे शनिवार को ही छाने लग गए। रविवार की सांझ ढलने का हर किसी को इंतजार है। अस्सी घाट पर फूलों, रंगों की अल्पनाएं देश-दुनिया से आने वाले पर्यटकों को लुभाएंगी। दशाश्मेध घाट पर गंगा की महाआरती के साथ ही गंगा की मध्य धारा पर दीपदान किया जाएगा। लोग नावों से दीये गंगा की लहरों पर छोड़ेंगे। दीयों की लड़ियां गंगा की लहरों पर इतराती-इठलाती नजर आएंगी। तिराहों, चौराहों के अलावा हर गली -मुहल्लें में युवाओं की टोलियां पटाखों की तरह-तरह की आवाज के साथ खुशी का इजहार करेंगे तो महिलाएं, युवतियां छतों पर आतिशबाजी का आनंद उठाएंगी।

अस्सी घाट पर रंगोली बनाने के साथ ही दीपदान किया गया। दी इंडिया फाउंडेशन की ओर से अस्सी घाट पर चारों धर्मों के लोगों ने मिलकर एक साथ सौहार्द के संकल्प के साथ दीपदान किया। घाट की सीढ़ियों पर दीयों की लड़ियां आपसी एकता और भाईचारे का संदेश दे रही थीं। इसमें असलम परवेज, हामिद खान, आनंद शर्मा, विनय त्रिपाठी, अजीज वकार खान, कामरान खान, फैज वारिस खान, गुरुदयाल सिंह ने दीप जलाकर एकता का संदेश दिया। जंगमबाड़ी से लेकर गोदौलिया तक के बाजार को लतरों से इस कदर सजाया गया कि अमावस की रात दिवाली का जश्न मनाने के लिए शहर दमकने लगा है। शनिवार को छोटी दिवाली पर ही इसकी चमक दिखने लगी। द्वारों पर अल्पनाएं उकेरी जाने लगीं। छतों, बारजों से लेकर दीवारों तक को लतरों की तरह-तरह डिजाइन से सजा दिया गया।
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