राहगीरी फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार को रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में वायु प्रदूषण से निपटने और शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाने के लिए हितधारक परामर्श की बैठक हुई। इसका उद्देश्य शहर में लो एमिशन जोन (एलईजेड) की रणनीति बनाना और लागू करना है। स्वच्छ हवा की दिशा में सतत शहरी योजना का मॉडल काशी को बनाया जाएगा।
मेयर अशोक तिवारी ने कहा कि नागरिक सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। इस तरह की परिवर्तनकारी योजना में जनता की समझ और सहयोग बहुत्त जरूरी है। वाराणसी एक प्राचीन शहर है और हम सभी को मिलकर इसे साफ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाना है। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने कहा कि वाराणसी सिर्फ एक शहर नहीं है। यह एक जीवित विरासत है। इसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान के साथ हमें वढ़ते वायु प्रदूषण से भी निपटना होगा।
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फाउंडेशन के सहयोग से लहरतारा अंडर फ्लाईओवर पुनर्विकास, 50 इलेक्ट्रिक वसों का सफल संचालन और ट्र अध्ययन के जरिये हमें सही दिशा मिल रही है। एलईजेड का क्रियान्वयन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेगा।
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एडीजी पीयूष मोर्डिया ने कहा कि वाराणसी की संकरी गलियां और पुरानी संरचनाएं ट्रैफिक और वाहनों की भीड़ को और चुनौतीपूर्ण बना देती हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक बाहनों को बढ़ावा देना, ट्रैफिक को नियंत्रित करना और एलईजेड जैसे कार्यक्रम जरूरी हो जाते हैं। फाउंडेशन की सह-संस्थापक सारिका पांडा भट्ट ने बैठक की सफलता के वारे में बताया। कहा कि हम पायलट प्रोजेक्ट, डेटा आधारित नीतियां और मजबूत विभागीय सहयोग के जरिए वाराणसी को एलईजेड का उदाहरण बनाएंगे।