नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों के चरित्र और आचरण को भी प्रमुखता दी गई है। नियुक्ति से पहले अभ्यर्थी के चरित्र का सत्यापन भी कराया जाएगा। अभ्यर्थी को शारीरिक व मानसिक रूप से भी स्वस्थ होना होगा।
100 अंकों की होगी परीक्षा
भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए जाएंगे। अर्चक पद पर चयन के लिए 100 अंकों की परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। मेरिट सूची शैक्षिक योग्यता, लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर तैयार होगी। 50 अंकों की लिखित परीक्षा, 30 अंकों की मौखिक कर्मकांड परीक्षा और 10 अंकों का साक्षात्कार होगा।
हर साल मानदेय में होगी चार फीसदी की बढ़ोतरी
अर्चक के पद पर नियुक्ति के बाद दो साल की परिवीक्षा पर रखा जाएगा। इसके बाद उसे स्थायी कर दिया जाएगा। वरिष्ठ अर्चक को 90 हजार, कनिष्ठ सहायक को 70 हजार और सहायक अर्चक को 45 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसमें प्रतिवर्ष चार फीसदी की बढ़ोतरी होगी। अप्रैल माह में पोशाक भत्ता भी दिया जाएगा।
चार दशक के बाद नियमावली तैयार हुई है। शासन की हरी झंडी मिलते ही नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। - प्रो. नागेंद्र पांडेय, अध्यक्ष, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास
पुजारी संवर्ग की भलाई के लिए जो नियमावली बनी है वह स्वागत योग्य है। इसके लिए न्यास अध्यक्ष और मंडलायुक्त को साधुवाद है। - प्रो. ब्रजभूषण ओझा, न्यास सदस्य
अर्चक नियमावली लागू होने से पुजारी संवर्ग का कल्याण होगा। न्यास अध्यक्ष और मंडलायुक्त के संयुक्त प्रयास से इसे तैयार किया गया है। - पं. दीपक मालवीय, न्यास सदस्य