स्वर्ण शिखरों वाले बाबा विश्वनाथ के मुक्तांगन में अब स्मार्ट लाइटिंग होगी। विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद ने स्मार्ट लाइटिंग योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना के लिए बजट का निर्धारण न्यास करेगा।
इसके अलावा विस्तारीकरण-नवीनीकरण योजना के तहत मंदिर परिसर से लगे पांच भवनों को खरीदने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। जबकि सैद्धांतिक सहमति न बन पाने के कारण शॉपुरी मॉल खरीदने के अतिरिक्त प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा सका।
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की मंडलायुक्त सभागार में हुई बैठक में स्मार्ट लाइटिंग योजना के प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। ऊर्जा मंत्रालय के इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान करते हुए न्यास ने इसके लिए बजट जारी करने की भी घोषणा की।
विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण योजना के तहत पांच भवनों की खरीद के प्रस्ताव को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई लेकिन न्यास ने कहा कि न्यासियों की कमेटी की ओर से भवनों के स्वामित्व और कब्जे से संबंधित परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद इसे अगली बैठक में रखा जाएगा।
परिसर में एचडी कैमरे लगाने के लिए मांगे गए प्रस्ताव
श्री काशी विश्वनाथ मन्दिर न्यास परिषद की बैठक में शामिल पदाधिकारी
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मंदिर परिसर में 43 स्थानों पर एचडी कैमरे लगाने के लिए एजेंसियों से प्रस्ताव मांगे गए ताकि गर्भगृह से लेकर विग्रहों और अन्य चिह्नित स्थानों पर कैमरे लगाने के साथ ही उनकी मॉनीटरिंग कराई जा सके। कैमरा लगाने से लेकर संचालन तक की जिम्मेदारी अधिकृत एजेंसी को दी जाएगी।
सबसे अहम प्रस्तावों में से एक बांस फाटक स्थित शॉपुरी मॉल को खरीदे जाने का मामला था। इसे अतिरिक्त प्रस्ताव में शामिल किया गया था। लेकिन न्यास में सैद्धांतिक सहमति न बन पाने के कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी।
बैठक में प्रमुख सचिव (न्याय) उमेश कुमार के अलावा मंडलायुक्त नितिन रमेश गोकर्ण, जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र, एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज, न्यास परिषद के सदस्य प्रो. चंद्रमौलि उपाध्याय, राज कृष्ण मालवीय, प्रदीप कुमार बजाज, पंडित प्रसाद दीक्षित उपस्थित थे। एजेंडा सदन पटल पर सीईओ एसएन त्रिपाठी ने रखा। अध्यक्षता न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य पं. अशोक द्विवेदी ने की।