एक जनवरी यानी आज से मंदिर में सुगम दर्शन के लिए महज 86 वीआईपी को ही एंट्री मिलेगी। वीआईपी के परिवार के सदस्यों को सुगम दर्शन का शुल्क देना होगा। बाकी वीआईपी न्यास अध्यक्ष, कार्यपालक समिति के अध्यक्ष और सचिव तय करेंगे।
काशी विश्वनाथ मंदिर में सुगम दर्शन के लिए एक जनवरी से महज 86 वीआईपी ही निशुल्क दर्शन-पूजन कर सकेंगे। इन 86 वीआईपी के परिवार के लोगों को भी सुगम दर्शन के लिए मंदिर का निर्धारित शुल्क देना होगा। इसके अलावा न्यास के अध्यक्ष, कार्यपालक समिति के अध्यक्ष और सचिव की सहमति से अन्य कोई पात्र व्यक्ति भी निशुल्क सुविधा का लाभ ले सकता है। फिलहाल एसडीएम और सीओ रैंक के अधिकारियों को इस सूची से बाहर कर दिया गया है।
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की कार्यपालक समिति की 28 दिसंबर को हुई बैठक में वीआईपी दर्शन के लिए नई व्यवस्था पर निर्णय लिया गया। वीवीआईपी, वीआईपी और प्रोटोकॉल के लिए दर्शनार्थियों की सूची जारी की गई है।
इस सूची में वर्तमान और पूर्व भारत के राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, कैबिनेट मंत्री, सेना के स्टॉफ प्रमुख सहित 86 लोगों को पदेन वीआईपी घोषित किया गया है। मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. सुनील वर्मा ने बताया कि जारी की गई सूची के व्यक्ति ही प्रोटोकाल श्रेणी में आएंगे। उनके साथ आने वाले व्यक्ति और परिवार के लोगों को मंदिर की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही सुविधाएं दी जाएंगी।