काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण में 50 करोड़ रुपये तक लागत कम होगी। शासन की तकनीकी टीम डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) की जांच कर रही है। तकनीकी पहलुओं के आधार पर डीपीआर की लागत चार सौ करोड़ रुपये से कम हो जाएगी।
फिलहाल सितंबर में डीपीआर को कैबिनेट से मंजूरी की उम्मीद है और दीपावली से पहले तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। इसके लिए सोमवार को लखनऊ में बैठक में डीपीआर पर चर्चा की गई।
गंगा घाट से काशी विश्वनाथ मंदिर तक 50 हजार वर्गमीटर में बनने वाले काशी विश्वनाथ धाम की डीपीआर 428 करोड़ रुपये की है। काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर मीरघाट और मीरघाट से लेकर जलासेन होते हुए मंदिर तक करीब 40 हजार वर्ग मीटर में बनने वाले धाम का डीपीआर फाइनल कर दिया गया है।
इसमें दुकानें, वेद विज्ञान शाला, हेल्प डेस्क, कार्यालय, कंट्रोल रूम, संग्रहालय, यज्ञशाला का निर्माण होना है। साथ ही मुमुक्षु भवन का निर्माण और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। काशी विश्वनाथ धाम के डीपीआर पर चर्चा के लिए हुई बैठक में मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने अधिग्रहित होने वाले भवनों की स्थिति की जानकारी दी।
कैबिनेट में मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और एक महीने में इसे फाइनल कर लिया जाएगा। लखनऊ में हुई बैठक में इस पर चर्चा की गई है। -दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त
स्मार्ट सिटी के कामों को फैलाने का निर्देश
लखनऊ में स्मार्ट सिटी योजना के तहत चल रहे कामों की समीक्षा बैठक हुई। इसमें वाराणसी में स्मार्ट सिटी के तहत होने वाले कामों को बढ़ाने का निर्देश दिया गया। स्मार्ट सिटी के तहत कराए जा रहे कामों की मॉनिटरिंग करने को भी कहा गया है।