बहस के बाद मंदिर के कर्मचारी व पुजारी सभी विग्रहों को छोड़कर मंदिर चौक पर धरना देने लगे। घटना की सूचना के बाद पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया लेकिन वह मानने को तैयार नहीं थे। मंदिर के विग्रहों पर अर्चक व पुजारी नहीं होने के कारण भक्तों को दर्शन करने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंदिर के कर्मचारी पुलिस के रवैये से आक्रोशित थे। हंगामा बढ़ता हुआ देखकर मुख्य कार्यपालक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने अर्चक, पुजारियों और कर्मचारियों को शांत कराया। मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि दर्शन कराने के लिए थोड़ा विवाद हुआ था। मामले को शांत करा दिया गया है और सभी अपने-अपने काम पर लौट गए हैं।
पुजारी, अर्चक और मंदिर के कर्मचारियों के धरने के कारण सप्तर्षि आरती के पहले मंदिर की सफाई नहीं हो सकी। सप्तर्षि आरती के अर्चकों ने आरती समय से शुरू कराने के लिए खुद ही गर्भगृह परिसर की सफाई की। अर्चकों ने गर्भगृह की सफाई करने के बाद समय से सप्तर्षि आरती आरंभ की। विश्वनाथ मंदिर में दर्शन के लिए पहले भी विवाद कई बार सामने आ चुका है।