कार्ड के जरिये सटीक जानकारी मिलेगी। पता चलेगा कि किस समय कितने श्रद्धालुओं ने सुगम दर्शन किए हैं। इसकी मदद से सुगम दर्शनार्थियों की संख्या भी नियंत्रित रखी जा सकेगी। आरएफआईडी कार्ड मंदिर के हेल्प डेस्क से जारी किया जाएगा। मंदिर परिसर में प्रवेश करने के बाद रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिये सूचना कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। दर्शन-पूजन के बाद इस कार्ड को मंदिर प्रशासन को वापस करना होगा।
वाराणसी में 11 से 13 जून तक जी-20 देशों का सम्मेलन होगा। इसमें विकास मंत्री हिस्सा लेंगे। सब दर्शन-पूजन करने श्री काशी विश्ववनाथ धाम भी जाएंगे। इससे पहले ही पुलिस आयुक्त मुथा अशोक जैन ने आरएफआईडी कार्ड जनरेट करने वाली मशीन मंगवाई है। इसी मशीन से काशी विश्वनाथ मंदिर में सुगम दर्शन के लिए जारी होने कार्ड में किया जाएगा। इसके लिए मंदिर के मुख्य द्वार और मंदिर परिसर में कार्ड रीडर भी स्थापित किए जाएंगे। इसकी मदद से कार्ड से जुड़ी जानकारियां हासिल की जा सकेंगी।
काशी विश्वनाथ मंदिर की स्वर्णिम आभा
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कार्ड में दर्शन पूजन का समय व उसकी समाप्ति की तिथि भी अंकित रहेगी। समय बीतने के बाद कार्ड निष्क्रिय हो जाएगा। काशी विश्वनाथ धाम में बने गेस्ट हाउस में ठहरने वाले लोगों और दुकानदारों को प्रत्येक तीन दिन में इसे फिर से सक्रिय कराना होगा। यह कार्ड चिपयुक्त है, जिसे सर्वर के साथ कनेक्ट किया जाएगा। इसके लिए मंदिर परिसरी में कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। कार्ड में श्रद्धालु की फोटो के साथ पूरी जानकारी रहेगी।
पिछले दिनों कैंट स्टेशन से जारी हुई सुगम दर्शन की पर्ची को मंदिर के एक संविदा कर्मचारी ने स्कैन करके फर्जी पर्ची बना ली थी। शिकायत के बाद हुई जांच में इसका खुलासा हुआ था और मंदिर प्रशासन की ओर से मुकदमा भी दर्ज कराया गया था।