बाबा विश्वनाथ की आरती की शुरुआत मंगला आरती से होती है। दोपहर में भोग आरती, शाम को सप्त ऋषि आरती के बाद श्रृंगार भोग आरती और रात्रि में शयन आरती होती है। मंगला आरती में श्रद्धालुओं की संख्या तीन गुना, श्रृंगार भोग आरती और सप्तर्षि आरती में दो गुना टिकट काटे गए हैं।
पिछले साल मंगला आरती में 27,175 श्रद्धालु तो वर्तमान वर्ष में यह आंकड़ा 74,302 तक पहुंच गया। सप्तर्षि आरती में पिछले साल 14,665 और वर्तमान में 26,794, पिछले साल श्रृंगार भोग आरती में 5442 टिकट काटे गए तो वर्तमान वर्ष में 12, 939 टिकट काटे गए।