इसके बाद शहर के दूसरे मंदिरों को भी इस योजना से जोड़ा जाएगा। यह पूरी तरह से बिना किसी केमिकल, बंबूलेस और चारकोल फ्री अगरबत्तियां व धूप होंगी। इसके अलावा प्राकृतिक खाद भी तैयार की जाएगी जो कि किसानों के लिए उपयोगी होगी। महिलाओं के स्वयं सहायता समूह को इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा।