श्री काशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण योजना का संशोधित बजट मंगलवार को कैबिनेट में पास कर दिया गया। पहले से तय बजट 318.67 करोड़ की जगह अब काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण में 345.28 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 26.61 करोड़ की बढ़ोत्तरी के बाद बाबा के भव्य दरबार को निर्बाध तरीके से पूरा किया जा सकेगा। उधर, मंदिर निर्माण करने वाली पीएसपी ने मंदिर परिसर के आसपास लेवलिंग के साथ ही काम शुरू कर दिया है।
50 हजार वर्गमीटर में बनने वाले काशीपुराधिपति के भव्य दरबार के लिए प्रदेश की कैबिनेट बैठक में संशोधित बजट पास किया गया है। कॉरिडोर की कंसलटेंट कंपनी एचसीपी ने ड्राइंग-डिजाइन के साथ 460 करोड़ का आंकलन दिया था। शासन ने इसके कई मदों में कटौती कर 318.67 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया था। इसमें 18 करोड़ स्टैबलिशमेंट मद के हैं। इस पर अक्टूबर 2019 में कैबिनेट ने मुहर लगा दी थी।
इसके बाद 25 नवंबर को निर्माण के लिए निविदा जारी की गई। फाइनेंसियल बिड में न्यूनतन दर देने वाली पीएसपी को काम पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है। कंपनी को 339 करोड़ रुपये का बजट दिया गया था। ऐसे में निविदा और पहले से जारी बजट में अंतर होने के कारण लोक निर्माण विभाग ने संशोधित बजट का प्रस्ताव शासन को दिया था।
कंपनी के सामने 18 महीने में काम पूरा करने की चुनौती
व्यस्ततम क्षेत्र और संकरी गलियों में काम की वजह से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर विस्तारीकरण का कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। लगभग 50 हजार वर्ग मीटर में कॉरिडोर निर्माण के लिए समय 18 माह का दिया गया है। दिन में श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण सामान और मशीनें लाने के लिए कम समय ही बचेगा। मंदिर में भी सिर्फ रात 11 बजे के बाद से दो-तीन बजे तक ही भीड़ कम होती है। ऐसे में 18 महीने में काम पूरा करने की चुनौती होगी।
पहले चरण में मंदिर परिसर को विकसित करने की योजना है। इसके अनुसार गेट नंबर-चार से मंदिर परिसर तक काम शुरू कर दिया गया है। मंदिर के बाहर लगे टीन शेड आदि को हटा दिया गया है और मंदिर आसपास समतलीकरण किया जा रहा है। इसके साथ ही तीसरे चरण के काम शुरू किया जाएगा। इसमें जलासेन घाट, सिंधिया घाट, मणिकर्णिका घाट सहित अन्य जगहों पर काम किया जाएगा।
भव्य दरबार के निर्माण के बाद तीर्थयात्रियों को संकरी गलियों के सहारे मंदिर पहुंचने से मुक्ति मिल जाएगी। तीर्थयात्री सीधे मणिकर्णिकाघाट, जलासेन व ललिताघाट से काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंच सकेंगे। दिव्यांग तीर्थयात्री व वीआईपी ही छत्ताद्वार से प्रवेश करेंगे। यह 50 फीट से ज्यादा चौड़ा होगा। संशोधित बजट पास होने के बाद काम तेज होने की उम्मीद है।
सभी सुविधाओं से लैस होगा बाबा दरबार
गलियारे के दोनों तरफ श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी। मंदिर परिसर में चौक का निर्माण होगा। इसके दोनों तरफ विश्रामालय, संग्रहालय, वैदिक केंद्र, वाचनालय, दर्शनार्थी सुविधा केंद्र, व्यवसायिक केंद्र, पुलिस प्रशासनिक भवन, वृद्ध एवं द्विव्यांगों के लिए स्केलेटर और मोक्ष भवन निर्मित होंगे। परियोजना में 330 मीटर लंबाई, 50 मीटर चौड़ाई और घाट से 30 मीटर ऊंचाई तक निर्माण कराया जाएगा।
काशी विश्वनाथ धाम परियोजना
परियोजना का कुल क्षेत्रफल 50 हजार वर्गमीटर
निर्माण का कुल क्षेत्रफल 27,969 वर्गमीटर
बाह्य विकास क्षेत्र (पाथ वे सहित) 19,642 वर्गमीटर
घाट विकास क्षेत्रफल 7,857 वर्गमीटर
परियोजना पूरी होने का समय कार्य प्रारंभ होने से 18 महीने
परियोजना में पुर्नवास की स्थिति
मुआवजा देकर खाली कराए गए दुकानदार 199
दुकानदारों के मद में व्यय धनराशि 4.13 करोड़
मुआवजा देकर खाली कराए गए किरायेदार 369
किराएदारों के मद में व्यय धनराशि 15.43 करोड़
भवन खरीदने में व्यय
वित्तीय वर्ष 2017-18 40 करोड़ रुपये
वित्तीय वर्ष 2018-19 250 करोड़ रुपये
वित्तीय वर्ष 2019-20 108.33 करोड़ रुपये
संशोधित बजट 345.28 करोड़ रुपये कैबिनेट में पास किया गया है। इसमें 339 करोड़ रुपये कार्यदायी कंपनी के मद में है। इसके अलावा टैक्स, लोक निर्माण विभाग की सलाह का थर्डपार्टी भुगतान किया जाएगा। मंदिर परिसर में कंपनी में काम शुरू कर दिया है।
-दीपक अग्रवाल, मंडलायुक्त