काशी विश्वनाथ-ज्ञानवापी परिसर सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील क्षेत्र घोषित है। 1992 के बाद इस परिसर की सुरक्षा के संबंध में स्थायी समिति गठित की गई थी। परिसर में वृद्धि के साथ ही सुरक्षा योजनाओं को संशोधित किया गया। परिसर में बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वॉड और अग्निशमन केंद्र के साथ ही हाइड्रोलिक गेट भी हैं।
काशी विश्वनाथ धाम प्रोजेक्ट में सुरक्षा उपकरण का बजट शामिल नहीं था। काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा है। मंदिर का गर्भगृह सीआरपीएफ की निगरानी में रहता है। मंदिर के समीप स्थित ज्ञानवापी मस्जिद की निगरानी भी सीआरपीएफ ही करती है। मंदिर और मस्जिद का बाह्य सुरक्षा घेरा पुलिस और पीएसी के जवानों का है। मंदिर और मस्जिद के चप्पे-चप्पे की निगरानी के लिए 50 से ज्यादा हाई रिजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जाता है।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि डीएफएमडी और महिला तलाशी बूथ धाम के सभी प्रवेश द्वार पर लगाए जाएंगे। एक्स-रे बैगेज स्कैनर तीर्थ सुविधा केंद्र के प्रवेश द्वार पर लगाए जाएंगे। उपकरणों की संख्या कितनी और कैसा होगा, इस संबंध में हाई पॉवर सुरक्षा समिति से चर्चा के बाद निर्णय लिया गया।