पीएम मोदी के स्वागत के लिए गंगा सेवा निधि द्वारा दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ को समर्पित रही। माता गंगा और भगवान शिव का सानिध्य श्रद्धालुओं को एक साथ देखने को मिला। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा ने बताया कि सोमवार को मां गंगा की आरती 9 अर्चक और 21 देव कन्याओं ने उतारी।
गंगा आरती में दशाश्वमेध घाट को भव्य रूप से फूल मालाओं से सजाया गया। इसके साथ ही 11 हजार दीये दशाश्वमेध घाट पर जलाए गए। कुछ घाटों पर लेजर लाइट शो भी आयोजित किया गया है। सुशांत मिश्रा ने बताया कि नियमित रूप से होने वाली गंगा आरती सात अर्चक द्वारा ही की जाती थी। मगर आज 9 अर्चक सहित रिद्धि-सिद्धि के रूप में 21 देव कन्याएं भव्य रूप से मां गंगा की आरती रही हैं।
गंगा पार रेती पर आतिशबाजी
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पीएम मोदी का क्रूज जब अस्सी घाट पहुंचा तो गंगा पार रेती पर आतिशबाजी हुई। करीब सात मिनट तक आसमान सतरंगी रोशनी में डूबा रहा। आतिशबाजी देख पीएम के साथ आए मुख्यमंत्री और घाट पर मौजूद सैलानी भावविभोर हो उठे। इस दौरान अद्भूत नजारा रहा।
एक तरफ जहां नए अस्सी घाट पर शिव तांडव बज रहा था तो उसपार रेती पर एक के बाद एक आसमान में सतरंगी पटाखे फूटने शुरू हो गए। नजारा काफी भव्य हो गया। घाट पर मौजूद एक एक सैनालियों में इस विहंगम दृश्य को अपने मोबाइल में कैद करने की होड़ मच गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सोमवार को गंगा आरती में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही 11 राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। इसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिश्वा शर्मा, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री विप्लव देव, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल, हिमाचल के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन विशेन सिंह, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई आदि मौजूद रहे।