वहीं कार्यदायी संस्था की ओर से भी दो से तीन दिनों में तीन लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। मृतक की पत्नी पिंकी ने बताया कि वह बेटे और बेटी के साथ मायके गई थी। इसके बाद उसका पति बनारस मजदूरी करने आ गया था।
काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सुनील कुमार वर्मा ने बताया कि मृतक के परिजनों और घायलों को कार्यदायी संस्था से भी आर्थिक मदद दिलाई जाएगी। मंदिर प्रशासन की ओर से मृतक की पत्नी को दो लाख रुपये की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया है।
मजदूर का अंतिम संस्कार भी मंदिर प्रशासन की ओर से कराया गया है। पीडब्ल्यूडी हादसे की जांच कर रही है। घायल मजदूर विनोद कुमार और वाहन चालक मोहम्मद शाहिद की हालत ठीक है।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्य की पूरी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी व कार्यदायी संस्था की है। आए दिन हो रहे हादसों के कारण पीडब्ल्यूडी के सुरक्षा व संरक्षा इंतजामों पर भी अब सवाल उठने लगे हैं। सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन नहीं होने के कारण ही काशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र में लगातार हादसे हो रहे हैं।
शनिवार रात हादसे में जिस मजदूर की मौत हुई थी वह भी अप्रशिक्षित था। उसको मैदागिन से पकड़कर लाया गया था। गौरतलब है कि काशी विश्वनाथ धाम परिसर में इससे पहले बीती 1 जून की भोर एक जर्जर भवन का एक हिस्सा गिर जाने से 2 मजदूरों की मौत हो गई थी। हादसे में 7 मजदूर घायल भी हुए थे। उस दौरान भी पीडब्लयूडी ने जांच की थी। पीडब्ल्यूडी ने किसी को हादसे का जिम्मेदार तो नहीं ठहराया था, लेकिन लापरवाहियां तमाम बताई थीं।