काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर बनाने के लिए खरीदे जा रहे भवनों की संख्या बुधवार को 200 हो गई। अब प्रशासन बचे 96 भवनों को खरीदने की कवायद में लग गया है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस माह के अंत तक इन 96 भवनों को भी अधिग्रहित कर लिया जाएगा।
विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के लिए 12 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहमति दी थी। अप्रैल से कॉरिडोर का काम पूरी तरह से शुरू हुआ। नगर निगम के सर्वे के अनुसार, कॉरिडोर में कुल 296 निजी संपत्ति, सेवईत, मंदिर और ट्रस्ट की संपत्तियां मिली हैं। इन संपत्तियों को खरीदने का कार्य चल रहा है।
नौ माह में मंदिर प्रशासन ने 296 में से 200 संपत्तियों की रजिस्ट्री करा ली है। 200वीं रजिस्ट्री बुधवार को हुई। अब बची 96 संपत्तियों को खरीदने में मंदिर प्रशासन जुट गया है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस रजिस्ट्री का काम भी दिसंबर तक हर हाल में पूरा करना है।
उधर, मंदिर कॉरिडोर के लिए खरीदे जा रहे भवनों को तोड़ने का काम भी चल रहा है। इस समय करीब डेढ़ सौ भवनों को तोड़ा जा रहा है। 50 से अधिक भवन जमींदोज हो चुके हैं। खरीदे गए भवनों को तोड़कर रात में ही मलबा हटाने के लिए 3,000 से अधिक मजदूर लगाए गए हैं। खच्चर गलियों से मलबा निकालकर सड़क तक पहुंचाते हैं।