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Kashi Vishwanath: बाबा विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन पर शुल्क लगाने की अफवाह फैलाने वालों पर मुकदमा, क्या है मामला?

Wed, 15 Mar 2023 07:48 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

 रंगभरी एकादशी के एक दिन पहले दो मार्च को अजय शर्मा, आशीष धर, रति हेगड़े, विक्रम, भवतेश शर्मा, आरती अग्रवाल, हेमा सहित नौ लोगों और अन्य अज्ञात विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने आए थे। अजय शर्मा ने काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के परिसर स्थित काउंटर से 500 रुपये की दान पर्ची कटवाई और उस पर जानबूझकर साजिश के तहत स्पर्श दर्शन लिखवा दिया।
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काशी विश्वनाथ धाम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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काशी विश्वनाथ के स्पर्श दर्शन पर शुल्क लगाने की अफवाह फैलाने के आरोप में मंगलवार को चौक थाने में नौ नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) अरविंद शुक्ला की तहरीर के आधार पर की गई है। चौक थाने की पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।

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पीआरओ अरविंद शुक्ला ने जो तहरीर दी है, उसके मुताबिक, रंगभरी एकादशी के एक दिन पहले दो मार्च को अजय शर्मा, आशीष धर, रति हेगड़े, विक्रम, भवतेश शर्मा, आरती अग्रवाल, हेमा सहित नौ लोगों और अन्य अज्ञात विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने आए थे। अजय शर्मा ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के परिसर स्थित काउंटर से 500 रुपये की दान पर्ची कटवाई और उस पर जानबूझकर साजिश के तहत स्पर्श दर्शन लिखवा दिया। स्पर्श दर्शन लिखी पर्ची को साजिश के तहत ही सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। इससे मंदिर, प्रशासन, ट्रस्टीगण, जनप्रतिनिधियों और सरकार की छवि धूमिल हुई है। सोशल मीडिया पर प्रायोजित रूप से की गई अभद्र टीका टिप्पणी से बाबा विश्वनाथ में आस्था रखने वाले अनगिनत श्रद्धालुओं को आघात पहुंचा है। इस संबंध में इंस्पेक्टर चौक शिवाकांत मिश्र ने बताया कि मंदिर प्रशासन से आई तहरीर के आधार पर नौ नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
 

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श्री काशी विश्वनाथ धाम - फोटो : अमर उजाला
अधिकतम तीन साल की सजा और जुर्माने से होंगे दंडित
चौक थाने में मुकदमा भारतीय दंड संहिता की धारा 120 (बी), 153 (ए), 295 व 506 और आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। इस संबंध में फौजदारी के अधिवक्ता अंशुमान त्रिपाठी ने बताया कि आपराधिक षड्यंत्र, धर्म, भाषा, नस्ल वगैरह के आधार पर लोगों में नफरत फैलाने का प्रयास, किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने का आशय और आपराधिक धमकी के आरोप में मुकदमा दर्ज है। भारतीय दंड संहिता की उक्त धाराओं के तहत अधिकतम तीन साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
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