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धांधली का आरोप: काशी विद्यापीठ में LLM के बाद अब LLB प्रवेश परीक्षा पर तलवार, जांच कमेटी गठित

Wed, 07 Sep 2022 10:34 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की एलएलबी प्रवेश परीक्षा में छात्र नेताओं ने धांधली का आरोप लगाया है। कुलपति को गड़बड़ियों का साक्ष्य प्रस्तुत कर प्रवेश परीक्षा निरस्त कराने की मांग की है। 
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में एलएलएम प्रवेश परीक्षा निरस्त होने के बाद अब एलएलबी प्रवेश परीक्षा पर भी तलवार लटक रही है। प्रवेश परीक्षा में धांधली की शिकायत पर कुलपति ने जांच कमेटी का गठन किया है और तीन दिनों के अंदर रिपोर्ट तलब की है। छात्र नेताओं का कहना है कि एलएलबी प्रवेश परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां और नकल हुई है।

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एलएलबी प्रवेश परीक्षा में बुधवार को धांधली की शिकायत लेकर छात्रसंघ उपाध्यक्ष शिवजनक गुप्ता के नेतृत्व में छात्रों के प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. आनंद त्यागी से मुलाकात की। छात्र नेताओं ने एलएलबी प्रवेश परीक्षा में धांधली का आरोप लगाया और गड़बड़ियों का साक्ष्य प्रस्तुत कर प्रवेश परीक्षा निरस्त कराने की मांग की।  

कुलपति ने कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर शनिवार तक जांच रिपोर्ट मांगी है। गौरतलब है कि 16 अगस्त को पहली पाली में एलएलबी की प्रवेश परीक्षा हुई थी। पांच मिनट बाद ही पर्चा व्हाट्सएप पर वायरल हो गया था। पिछले दिनों ऐसे ही एलएलएम प्रवेश परीक्षा में नकल का आरोप लगा था। कुलपति ने जांच रिपोर्ट के आधार पर फिर से परीक्षा कराने का निर्देश दिया है। 

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पांच जिलों के महाविद्यालय की पांच लाख डिग्रियां तैयार

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को अब डिग्रियां उनके महाविद्यालय से ही प्राप्त हो जाएंगी। विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय का चक्कर काटने से निजात मिलेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 2016 से 2021 तक पांच लाख से अधिक उपाधियों को तैयार कराया है और महाविद्यालयों को अपनी डिग्रियां ले जाने के लिए पत्र लिखा है। 

जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नवरत्न सिंह ने बताया कि वाराणसी, चंदौली, भदोही, मीरजापुर व सोनभद्र के सभी संबद्ध कालेजों के प्राचार्यों से औपचारिकता पूरी कर विश्वविद्यालय से उपाधियां ले जाने का सुझाव दिया गया है। कहा कि कालेजों द्वारा उपाधियां न ले जाने की स्थिति में संबद्ध कालेज के विद्यार्थियों को भी विश्वविद्यालय से ही उपाधियां दी जाएंगी। विद्यार्थियों की सहूलियत के लिए वर्ष 2012 से 2020 तक (नौ साल) की डिग्री डिजी लॉकर में भी अपलोड करा दी गई हैं।

अब नैड (नेशनल एकाडमिक डिपाजिटर) पोर्टल से विश्वविद्यालय-महाविद्यालयों के विद्यार्थी उपाधि डाउनलोड भी कर सकते हैं। सत्र 2021-22 से यूजी-पीजी के अंतिम खंड के छात्रों से 200 उपाधि शुल्क व 100 रुपये डाक सहित अन्य खर्च जमा कराया जा रहा है। दीक्षा समारोह के बाद सभी विद्यार्थियों को उनके स्थायी पते पर पंजीकृत डाक से उपाधियां भेज दी जाएंगी।
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निर्धन छात्रों को विश्वविद्यालय देगा शुल्क प्रतिपूर्ति

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के निर्धन और जरूरतमंद विद्यार्थियों को छात्र कल्याण संकाय की ओर से आंशिक शुल्क मुक्ति व प्रतिपूर्ति दी जाएगी। साथ ही उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए मदद की जाएगी। कुलपति प्रो. एके त्यागी के निर्देश पर समिति का गठन किया गया है।

कमेटी में प्रो. अनुराग कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, अमिताभ कुमार सिंह, अभिषेक राय हैं। विश्वविद्यालय की ओर से शुरू हुई इस सुविधा का लाभ ऐसे विद्यार्थियों को मिलेगा जो अत्यंत निर्धन हैं और माता-पिता की आजीविका का साधन छिन गया हो। इसमें विभागाध्यक्ष और संकायाध्यक्ष की संस्तुति भी जरूरी 
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