वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की ओर से स्नातक, स्नातकोत्तर और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं में बढ़ाए गए शुल्क को वापस ले लिया है। शुल्क वापसी पर विश्वविद्यालय की वित्त समिति ने भी मुहर लगा दी है। काशी विद्यापीठ की वित्त समिति ने स्नातक कक्षाओं में फीस 1250 से बढ़ाकर 2250 और स्नातकोतर कक्षाओं में 15 सौ से बढ़ाकर 1800 रुपये कर दिया था। कोविड महामारी और छात्रों की मांग को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्नातक की सेमेस्टर परीक्षा फीस 1250 और स्नातकोतर की 15 सौ रुपये कर दी है। फीस बढ़ोतरी का आदेश वापस लेने से काशी विद्यापीठ और संबद्ध पांच जिलों के महाविद्यालय के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
बता दें कि इस मुद्दे को लेकर महाविद्यालय के प्रबंधक, प्राचार्य और छात्रों ने विरोध जताया था। हरिश्चंद्र महाविद्यालय के छात्रसंघ के पदाधिकारियों ने प्राचार्य और कुलपति से मिलकर फीस वृद्धि को वापस लेने की मांग उठाई थी। कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्य ने बताया कि स्नातक, स्नातकोतर, विधि एवं बीएड के बढ़े हुए सेमेस्टर परीक्षा शुल्क को वापस करने का निर्णय लिया है।