वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा वर्तमान समय की आवश्यकता है, लेकिन परंपरागत शिक्षा का विकल्प नहीं है। ऑनलाइन शिक्षा की सबसे बड़ी कमी यह है कि आज का कम्युनिकेशन कनेक्टिविटी पर निर्भर है। वह राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ काशी महानगर इकाई की ओर से दो दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।
अवधेश प्रताप विश्वविद्यालय रीवा के कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने कहा कि आज ऑनलाइन शिक्षण में संसाधन की कमी एक बड़ी समस्या है। इग्नू नई दिल्ली के कुलपति प्रो. नागेश्वर राव ने कहा कि स्वयंप्रभा चैनल, ज्ञान दर्शन चैनल के माध्यम से इलेक्ट्रानिक उपकरणों के माध्यम से शिक्षा दी जा रही है।
पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय पटना के कुलपति प्रो. गुलाब चंद्र राम जायसवाल ने कहा कि ऑनलाइन शिक्षा को परंपरागत शिक्षा से जोड़कर एक नई दिशा देने की जरूरत है। डॉ. जगन्नाथ गुप्ता ने कहा कि वर्क फ्राम होम से घरेलू हिंसा में बढ़ोतरी हुई है। वेबिनार को प्रो. योगेंद्र सिंह, प्रो. नीलिमा गुप्ता, प्रो. हरिकेश सिंह ने भी संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ओपी चौधरी ने किया। स्वागत राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के डॉ. जगदीश सिंह दीक्षित ने किया।