महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने प्रवासी मजदूरों तथा उनके परिवार की काउंसिलिंग की जिम्मेदारी का संकल्प लिया है। कुलपति प्रो. टीएन सिंह के निर्देश पर छात्र कल्याण संकाय ने पहल करते हुए 15 अध्यापकों की परामर्श समिति का गठन किया है। कुलपति प्रो. सिंह ने बताया कि कोरोना का संक्रमण सामुदायिक एवं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। ऐसे में यह जरूरी है कि देश के सभी उच्च्च शिक्षण संस्थान अपने-अपने सामाजिक दायित्वों के निर्वहन के लिए सरकार के साथ कदम से कदम मिलाते हुए अपनी उपयोगिता सुनिश्चित करें।
परामर्श समिति के सदस्य मोबाइल के माध्यम से रोजाना विद्यार्थियों एवं शहर में रहने वाले लोगों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। विश्वविद्यालय परिसर द्वारा संचालित कॅरियर एवं परामर्शन केंद्र अपने सभी सदस्यों की सेवाओं को ऑनलाइन माध्यम से गांव के लोगों तक पहुंचाने के लिए कमर कस चुका है।
छात्र कल्याण संकाय अध्यक्ष डॉ. बंशीधर पांडेय ने बताया कि लॉकडाउन के बाद प्रवासी मजदूरों को काउंसिलिंग की जरूरत ज्यादा होगी। ऐसे में हमारी टीम मजदूरों तक पहुंचकर या उनको बुलाकर उनकी काउंसिलिंग करेगी। मजदूरों का डाटा भी तैयार किया जा रहा है।
विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर परामर्श समिति के सभी 15 सदस्यों के नंबर मौजूद हैं। 15 सदस्यीय समिति इस परामर्शन समिति के सदस्य प्रो. राम प्रकाश द्विवेदी, डॉ. बंशीधर पांडेय, प्रो. आरपी सिंह, प्रो. वंदना सिन्हा, डॉ. रमन पंत, डॉ. संतोष गुप्ता, डॉ. राहुल गुप्ता, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. दुर्गेश कुमार उपाध्याय, डॉ. मुकेश कुमार पंथ, डॉ. अमरेन्द्र सिंह, डॉ. रजनीश कुमार तिवारी, डॉ. विनोद सिंह, डॉ. संतोष सिंह एवं सोनाली सिंह शामिल हैं।