विद्यार्थियों को चाहिए कि वह शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं परीक्षा संबंधी कार्यों को सुचारु रूप से संचालित होने में सकारात्मक सहयोग प्रदान करें। किसी भी परिस्थिति में परीक्षा भवन, कार्यालयों अथवा प्रशासनिक कार्यों को बाधित करने, बंद कराने था अवरुद्ध करने का प्रयास न करें। ऐसा होने से विश्वविद्यालय के महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होते हैं।
दूर-दराज से आने वाले छात्र-छात्राओं को अनावश्यक कठिनाइयों एवं असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। अगर किसी प्रकार की समस्या हो तो संबंधित पटल सहायक, कार्यालय अधीक्षक, सहायक कुलसचिव/सीधे परीक्षा नियंत्रक से संपर्क कर अपनी समस्या का त्वरित एवं उचित निराकरण कराया जा सकता है।
समय से परिणाम जारी करने की तैयारी
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में भी दीक्षांत समारोह जुलाई में ही आयोजित होगा। विश्वविद्यालय की ओर से कुलाधिपति के पास दीक्षांत समारोह के लिए 28 जुलाई की तिथि भेजी गई थी। लेकिन, कुलाधिपति व प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 29 जुलाई को आयोजन कराने पर स्वीकृति दी है। इस बारे में कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा का कहना है कि राजभवन की ओर से तिथि तय होने के बाद अब आयोजन को लेकर समितियों के गठन, समय से परीक्षा परिणाम जारी करने, पदक, उपाधि आदि की तैयारियां शुरू करा दी गई हैं।