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काशी विद्यापीठ शताब्दी समारोह: सौ सालों से इल्म की दौलत बांट रहा विद्यापीठ

Thu, 11 Feb 2021 05:05 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ - फोटो : अमर उजाला
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राज्यसभा सांसद एमजे अकबर ने कहा कि इल्म की दौलत सबसे बड़ी होती है। यह बांटने से बढ़ती है। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ पिछले सौ सालों से इल्म की दौलत बांट रहा है। प्रगति का इंजन ज्ञान है। वह बुधवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के शताब्दी समारोह को बतौर मुख्य अतिथि ऑनलाइन संबोधित कर रहे थे।

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उन्होंने कहा कि ताकत तो मन की शक्ति से आती है और मन की शक्ति ज्ञान से आती है। महात्मा गांधी ने ब्रिटिश सरकार के खिलाफ पहले लोगों के मन से भय को दूर किया। उसके बाद आत्मविश्वास जगाया। भय दूर होने और आत्मविश्वास जागृत होने से ही अंग्रेजी शासन को उखाड़ फेंकने में मदद मिली। राष्ट्रपिता ने काशी विद्यापीठ की स्थापना जन आंदोलन को मजबूत करने के लिए की थी। 1947 में हमें हुकूमत मिली लेकिन बापू ने 1920 में हमें भय से आजादी दिला दी थी। उन्होंने काशी विद्यापीठ के छात्रों का आह्वान करते हुए कहा कि भय को त्यागकर नई शताब्दी के निर्माण में जुट जाएं।

कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने काशी विद्यापीठ के प्राध्यापकों एवं छात्रों से विद्यापीठ के गौरव शाली इतिहास में कुछ नई उपलब्धि जोडने का आह्वान किया। उन्होंने काशी विद्यापीठ में भारतीय भाषा में तकनीक की पढ़ाई भारतीय भाषा में शुरू करने की बात कही। अतिथियों का स्वागत डॉ. वंशीधर पांडेय ने किया। धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्य और संचालन डॉ. राहुल गुप्ता ने किया।

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गांधी अध्ययन पीठ में शताब्दी वर्ष समारोह का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगीत गायन से हुआ। इस अवसर पर मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित विद्यापीठ के पहले कुलगीत के आडियो का लोकार्पण भी किया गया। समारोह के द्वितीय सत्र में महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित मोहन से महात्मा नामक कठपुतली फि ल्म प्रदर्शन किया गया। इस दौरान भगवानदास केप्रपौत्र डॉ. पुष्कर रंजन, प्रो. अजित कुमार शुक्ला, प्रो.सुनील कुमार विश्वकर्मा, प्रो. योगेंद्र सिंह, प्रो. केके जायसवाल, सुमन ओझा समेत सभी विभागाध्यक्ष, संकायाध्यक्ष और छात्र मौजूद रहे।

भारत माता मंदिर पर फहरेगा 100 फीट का तिरंगा
विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविन्द्र जायसवाल ने कहा कि काशी विद्यापीठ के अध्यापकों एवं छात्रों ने स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि हमें फक्र है कि काशी में काशी विद्यापीठ पीठ है जहां भारत माता मंदिर है। भारत माता मंदिर पर 100 फीट का तिरंगा फ हराया जाए और रोज प्रात: 10 बजे राष्ट्रीय गीत का प्रसारण हो। साथ ही शाम को पुलिस बैंड बजाने व राष्ट्र गान के बाद झंडे को उतारा जाए। इसमें जो भी सहयोग होगा मैं उसके लिए तत्पर हैं।
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ को मिले राष्ट्रीय दर्जा
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने राष्ट्रीय दर्जा दिलाने की मांग की। उन्होंने राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल से कहा कि यह मौका भी है और दस्तूर भी। विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के लिए 1960 में ही प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेजा गया था। अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस पर राज्यमंत्री ने कुलपति से इसके लिए एक समिति गठित करने की सलाह दी। इस पर कुलपति ने समिति जल्द गठित करने का आश्वासन दिया।

झूमते-गाते छात्रों ने निकाली रैली
शताब्दी समारोह की शुरूआत कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने परिसर स्थित महात्मा गांधी, डॉ. भगवान दास, बाबू शिवप्रसाद गुप्त, आचार्य नरेंद्र देव, डॉ. भीमराव आंबेडकर, चंद्रशेखर आजाद, लालबहादुर शास्त्री, राजनारायण, इंदिरा गांधी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के साथ किया। इसके बाद एनएसएस के छात्रों ने बैंड बाजे की धुन पर प्रशासनिक भवन से गांधी अध्ययन पीठ तक रैली निकाली। वंदे मातरम, भारत माता की जय, जय विद्यापीठ का नारा लगाते हुए छात्र-छात्राएं और शिक्षक रैली में शामिल हुए।
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