इस मामले में जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर नवल गिरि महाराज, चतुह संप्रदाय के महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज, जगदगुरु अनंतानंद द्वाराचार्य, काशी पीठाधीश्वर रामकमल दास वेदांती महाराज और काशी विद्वत परिषद के पश्चिमांचल के प्रभारी नागेंद्र महाराज, निरंजनी अखाड़ा के महंत डॉ. स्वामी आदित्यानंद महाराज सहित देश भर के सतों ने ऐसे व्यासों को तत्काल व्यासपीठ से मुक्त करने की मांग की है।
इस मामले में काशी विद्वत परिषद बैठक कर न्यायालय में वाद भी दायर करेगी। इसकेसाथ ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री एवं सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग भी करेंगे।