बुनकरों और युवाओं को भी मिलेगा सीधा लाभ
रामनगर, लोहता और बड़ी बाजार के बुनकर समूहों के लिए स्वस्थ बुनकर पहल शुरू की जाएगी। करीब चार से पांच हजार बुनकरों और उनके परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है। इसके साथ काशी में शिल्प प्रशिक्षण संस्थान, रोजगार केंद्र और बीएचयू में उद्योग आधारित रोजगार एवं कौशल केंद्र जैसी दीर्घकालिक पहल भी प्रस्तावित हैं। पूर्वांचल के भदोही, मिर्जापुर, चंदौली और आजमगढ़ में भी कौशल प्रशिक्षण केंद्र विकसित करने की योजना है।
बिएनाले में दृश्य कला और छायाचित्र, शिल्प, डिजाइन और वस्त्र, संगीत व प्रदर्शन कलाओं के साथ विचार-विमर्श और विशेषज्ञ संवाद होंगे। काशी की संगीत परंपरा को भी विशेष स्थान मिलेगा। तबला, शहनाई, खयाल, ध्रुपद के साथ कजरी, चैती और ठुमरी जैसी विधाओं को कार्यक्रमों में शामिल करने की योजना है। बिएनाले हर दो साल पर एक बार आयोजित किया जाता है। इस साल से इसकी शुरुआत काशी में हो रही है। -सत्येंद्र कुमार, डीएम