महाकुंभ का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी देश की सबसे पुरानी नगरी है। इस बार संगमम के साथ आप सभी को वाराणसी, प्रयागराज और अयोध्या की संस्कृति से जुड़ने का सौभाग्य मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दुनिया का पहला ऐसा महासंगम है, जिसका हिस्सा अब तक 51 करोड़ लोग बन चुके हैं।
काशी प्राचीन समय से ही ज्ञान की राजधानी रही है। तमिलनाडु के प्राचीन ग्रंथों में काशी महत्वपूर्ण स्थान रखती है। उन्होंने कहा कि इस बार काशी तमिल संगमम् महर्षि अगस्त्य को समर्पित है। नए भारत की परिकल्पना को आगे बढ़ाते हुए ही महर्षि अगस्त्य को केंद्र में रखकर काशी तमिल संगमम् का थीम रखा गया है।
माता सीता को खोजने और राम-रावण युद्ध में आदित्य स्त्रोत देने वाले महर्षि अगस्त्य ही थे। आप सभी को इससे जुड़ने का मौका मिलेगा। प्रधानमंत्री का यह मिशन आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु से आए मेहमानों को 144 वर्ष पर प्रयागराज में लगे महाकुंभ और 500 वर्ष बाद अयोध्या में बने रामलला का दर्शन भी कराया जाएगा।
बच्चों को चाॅकलेट देते सीएम योगी।
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बच्चों को दिया चॉकलेट
नमो घाट पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गंगा के रास्ते सीधे बाबा श्रीकाशी विश्वनाथ का दर्शन-पूजन करने पहुंचे। विधि-विधान से बाबा विश्वनाथ का पूजन किया। मंदिर परिसर में बच्चों से मिले और उन्हें दुलारते हुए चाकलेट दी। इसके बाद वापस नमो घाट पहुंचे और कार्यक्रम में हिस्सा लिया।