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काशी शब्दोत्सव: अगले तीन दिन बीएचयू में होगा 2500 कला-साहित्य प्रेमियों का मेला, गीत-संगीत भी होंगे

Sun, 16 Nov 2025 05:53 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में काशी शब्दोत्सव समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसमें हजारों शिक्षक और छात्र-छात्राएं भारत की संस्कृति पर विचार-विमर्श करेंगे। 
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बनारस हिंदी विश्वविद्यालय। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बीएचयू के स्वतंत्रता भवन सभागार में रविवार से कला-साहित्य प्रेमियों का तीन दिवसीय (17-19 नवंबर) मेला शुरू होगा। काशी शब्दोत्सव समारोह पर 2500 युवा और प्रोफेसर विश्व के कल्याण में भारत की संस्कृति के योगदान की बात करेंगे। तीन दिन और 10 सत्रों में 20 से ज्यादा देशों के विद्वान, कला प्रेमी, संत-साहित्यकार, डॉक्टर, आयुर्वेदाचार्य, पर्यावरणविद, पौराणिक व्यक्तित्व, राजनीतिक चिंतक और आरएसएस के सदस्य अपना अनुभव साझा करेंगे। ये जानकारी बीएचयू के सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान संस्कृत विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. सदाशिव द्विवेदी ने दी।

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उन्होंने बताया कि मुख्य वक्ता आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, अयोध्या से आचार्य मिथिलेश नंदिनी शरण और अध्यक्ष कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी होंगे। 

कार्यक्रम संयोजक और शिक्षा सेवा चयन आयोग के सदस्य डॉ. हरेंद्र राय ने कहा कि कुल 2400 से ज्यादा लोगों ने पंजीकरण कराया है। इसके लिए छात्रों से 200 रुपये और प्रोफेसरों से 500 रुपये लिए गए हैं। डॉ. राय ने कहा कि आम तौर पर भारतीय संस्कृति पर हजारों कार्यक्रम हुए लेकिन इस बार शब्दोत्सव में कला और परंपरा के ऐसे हजारों रंग दिखेंगे कि इससे पहले नहीं दिखा होगा। यहां पर नृत्य और संगीत के सत्र भी होंगे।

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राष्ट्रीय पुस्तक प्रदर्शनी भी होगी खास
कार्यक्रम में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, नई दिल्ली के सहयोग से एक राष्ट्रीय पुस्तक प्रदर्शनी लगाई जाएगी। रोज शाम को लोक और शास्त्रीयता को समर्पित संगीत नाटक अकादमी, उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, ललित कला अकादमी, प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्थाओं के आयोजन होंगे। बहु प्रतिष्ठित नाट्य मंचन राम की शक्तिपूजा, सत्यवादी हरिश्चंद्र समेत लोक गायन और मानस प्रसंग से जुड़े कई सांस्कृतिक कार्यक्रम रखे गए हैं। प्रेस वार्ता में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शैलेश कुमार मिश्रा, विहिप प्रमुख दिनेश कुमार पांडेय और पत्रकारिता विभाग के डॉ. धीरेंद्र कुमार राय आदि मौजूद थे।
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