ग्रामीण क्षेत्र में कैमरों की कमी, शहर की अपेक्षा चोरी की घटनाएं ज्यादा
शहर की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे मामले ज्यादा दर्ज किए गए। औसतन एक महीने में 35-40 मामले दर्ज होते हैं। सीसी कैमरों की कमी की वजह से पुलिस विवेचना में 60 दिनों से ज्यादा का समय लग जाता है। रोजाना दो से तीन मामले किशोरियों, महिलाओं के लापता होने के आते हैं। ज्यादातर मामलों में पुलिस को बरामदगी में ज्यादा समय लग जाता है। यहां सूचना तंत्र के भरोसे पुलिस काम करती है।
बड़े शहरों में सुरक्षा पर खर्च होते हैं 720 करोड़ रुपये
प्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 2026-2027 में 44 हजार 145 करोड़ का बजट का प्रावधान है जो प्रमुख मदों में खर्च होने हैं। बड़े शहरों लखनऊ, नोएडा, आगरा, वाराणसी, कानपुर, मेरठ समेत अन्य में अनुमानित दायरा 720 करोड़ रुपये है। इसमें प्रति व्यक्ति सुरक्षा से जोड़कर देखें तो वाराणसी के लोगों पर तीन से पांच हजार रुपये सरकार सुरक्षा पर खर्च कर रही है।