स्वामी नित्यानंद के विरोध्ा में अस्सी घाट पर चेतावनी सभा करते संत।
इच्छाओं की पूर्ति के लिए ध्यान-सत्संग से आत्म चेतना जगाने वाले स्वामी नित्यानंद को काशी में कड़े विरोधों का सामना करना पड़ा रहा है। पोस्टर जलाए जाने के बाद एक तरफ जहां बाबा के शिविर के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं शनिवार की शाम संतों ने अस्सी घाट पर चेतावनी सभा की। अखिल भारतीय रामराज्य परिषद के राष्ट्रीय प्रभारी महास्वामी धर्मदत्त महाराज ने कहा कि नित्यानंद जैसे साधुवेशधारियों से काशी की संत परंपरा धूमिल हो रही है। इनके शिविर को हर हाल में बंद कराया जाना चाहिए।
अस्सी घाट पर शाम छह बजे पहुंचे संतों ने कहा कि साधु वेश में नित्यानंद के कारनामे पूरी दुनिया के सामने उजागर हो चुके हैं। यहां हुई सभा में परिषद के मंडल प्रमुख आचार्य श्याम नारायण पांडेय ने कहा कि स्वामी नित्यानंद की वजह से काशी में तमाम धार्मिक और सामाजिक संगठन विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। फिर भी न जाने किस दबाव में प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
धर्म और भक्ति का ढोंग फैलाकर बाबा अपने विदेशी भक्तों को पांच सितारा होटल में आधुनिक तरीके से ध्यान की आड़ में व्यवसाय करा रहे हैं। इससे संस्कृति नष्ट हो रही है। धर्म की रक्षा के लिए ऐसे बाबा का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। इस सभा में विद्यानंद गिरि, फूलगिरि, अमावस गिरि, हिमांशु ब्रह्मचारी, खट्टी ब्रह्मचारी, योगेंद्र ब्रह्मचारी, जोगेंद्र ब्रह्मचारी, लाल बाबा, दंडी स्वामी श्रीप्रकाशनंद सरस्वती, विजय ब्रह्मचारी, प्रह्लाद जायसवाल, भानु प्रताप राय, बृजेश श्रीवास्तव, दीपक पांडेय समेत तमाम लोग और संत उपस्थित थे।