जी-20 देशों के विकास मंत्रियों की बैठक में अगले सौ वर्षों की चुनौतियों पर चर्चा की जाएगी। साथ ही समाधान की योजना बनेगी। विकास मंत्री अपने-अपने देशों के विकास मॉडल को बताएंगे। सम्मेलन के दौरान पिछले कुछ वर्षों में वित्तीय संकट, जलवायु परिवर्तन, महामारी, आतंकवाद और युद्ध जैसी परिस्थितियों से निपटने का खाका भी खींचा जाएगा। साथ ही आने वाले में समय में मानव संसाधन, प्रौद्योगिकी, तकनीक, बीमारी और संस्कृति के सामने आने वाली चुनौतियों पर मंथन होगा।
जी-20 देशों के विकास मंत्रियों को काशी में प्राचीनता के साथ ही आधुनिकता के भी दर्शन होंगे। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साथ ही आध्यात्म का कलेवर आकर्षण का केंद्र होगा। गंगा के घाटों का सौंदर्य और दुल्हन की तरह सजी काशी हर किसी को मोह रही है। काशी अपने मिजाज और दर्शन के अनुरूप दिखेगी। हरहुआ चौराहे के पास तथागत के प्रथम उपदेश देते हुए पांच शिष्यों की थ्री डी स्कल्पचर और बुद्धा मुद्रा का इंस्टालेशन आकर्षित कर रहा है।
चौकाघाट आरओबी के पास लैंडस्केप और सारनाथ के पास रिंग रोड पर धर्म चक्र लगाने से सुंदरता बढ़ी है। लहुराबीर में फाउंटेन के साथ म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट देखने को मिला है। मैदागिन पर थ्री डी व्यू त्रिशूल लगा है। गिलट बाजार चौराहे पर थ्री डी जी- 20 के ग्लोब के स्कल्पचर के साथ फव्वारे लगे हैं। एयरपोर्ट के प्रवेश द्वार, नमोघाट के पास चौकाघाट से नमो मार्ग पर दोनों तरफ दो-दो राष्ट्रीय फूल कमल का इंस्टालेशन किया गया है।
वीआईपी रूट के मार्गों के घरों और प्रतिष्ठान एक रंग में रंगे हैं। दीवारों पर वाराणसी की सांस्कृतिक विरासत के अनुकूल चित्रकारी की गई। इसमें बनारस की विभिन्न विधाओं की हस्तियां, लोक कला आदि शामिल है। अर्द्धचन्द्राकार घाटों के किनारे ऐतिहासिक इमारतों को एकरूपता देने लिए एक रंग में रंगा गया है। फसाड लाइटों से गंगा किनारे के भवनों की खूबसूरती और बढ़ गई है। प्रमुख स्थलों को इलेक्ट्रिक झालरों से सजाया गया है। पोल पर तिरंगा स्पाइरल लाइट और जी-20 का लोटस लोगो लगाया गया है
दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती
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जी 20 देशों के मेहमान मां गंगा की भव्य महाआरती रविवार को देखेंगे। दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से गंगा आरती की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया है। शनिवार की शाम गंगा आरती का रिहर्सल भी हुआ। इस दौरान पुलिस कमिश्नर मुथा अशोक जैन ने तैयारियों का जायजा लिया। गंगा सेवा निधि के अध्यक्ष सुशांत मिश्रा,कोषाध्यक्ष आशीष तिवारी,सचिव हनुमान यादव को व्यवस्थाओं के बारे में जरूरी दिशा-निर्देश दिए। सुशांत मिश्रा ने कहा कि नौ अर्चक मां गंगा की भव्य महा आरती करेंगे 18 देव कन्याएं रहेंगी, जो चंवर डुलाएंगी।
11 जून - मेहमानों के आगमन पर एयरपोर्ट टर्मिनल के अंदर शहनाई वादन होगा। टर्मिनल के बाहर कलाकार डमरु वादन के साथ फरवाही लोक नृत्य, जैपुरिया स्कूल के पास कर्मा लोक नृत्य, अतुलानंद चौराहे पर धोबिया लोक नृत्य प्रस्तुत करेंगे।
11 जून को रात्रि भोज के दौरान - ताज होटल में आयोजित डिनर में नदेसर पैलेस प्रांगण में प्रवेश के दौरान राई व पाई डंडा लोक नृत्य, भोज के दौरान मसकबीन वाद्ययंत्र वादन व थीम आधारित नृत्य होगा।
12 जून को टीएफसी आगमन पर - बैठक के पूर्व ढेरिया लोक नृत्य और थारू लोक नृत्य होगा। नमो घाट जाते समय कज्जाकपुरा में डमरूवादन, नमो घाट पर बमरसिया तथा कहरवा लोकनृत्य होगा।
13 जून को सारनाथ पहुंचने पर - हुड़क मजीरा वादन, गोंडी तथा मयूर लोक नृत्य कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।