हर मौसम में उगेगा गुणकारी काशी मनु
तालाबों व नालों के पास उगने वाला करेमुआ साग अब काशी मनु बन गया है। इसे किस्म को आईआईवीआर के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राकेश कुमार सिंह सहित तीन वैज्ञानिकों की टीम ने विकसित किया है। डॉ. राकेश ने बताया कि इसका उत्पादन किसान खेतों में हर सीजन में कर सकते हैं।
एक बार इसकी बुआई करने पर तीन साल तक पैदावार होगी। चाहे सूखा क्षेत्र हो या 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तापमान, इसका उत्पादन किया जा सकेगा। एक हेक्टेयर में एक हजार क्विंटल उत्पादन होगा। इस साग की न सिर्फ सब्जी बल्कि सूप, सलाद, सब्जी, पकौड़ी आदि बनाकर खा सकते हैं।
इसमें कीड़े लगने का भी डर नहीं है। उन्होंने बताया कि काशी मनु साग में फोलिक एसिड, आयरन, विटामिन ए, फास्फोरस, प्रोटीन आदि पोषक तत्व मौजूद हैं। इसे पथरी के मरीज भी खा सकते हैं। काशी मनु को गमले में और घरों की छतों पर भी उगा सकते हैं।
गर्मी में भी उगेगा काशी तपस टमाटर
डॉ. नागेंद्र राय सहित पांच वैज्ञानिकों ने काशी तपस टमाटर की किस्म को नौ साल में विकसित किया है। उन्होंने बताया कि यह टमाटर संकर (हाइब्रिड) किस्म है। इसका उत्पादन 34-38 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी किया जा सकता है। अभी तक मई के प्रथम सप्ताह तक टमाटर की सभी किस्में खत्म हो जाती हैं। मगर यह जून तक चलेगा। एक हेक्टेयर में इसकी औसत उपज करीब 400 क्विंटल है।