काशी, अयोध्या और मथुरा के मठ व पीठों को हर तरह के करों से मुक्त करने की मांग काशी से उठी। काशी के धर्माचार्यों ने कर मुक्त करने के प्रस्ताव को अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य इंद्रेश कुमार को सौंपा। इंद्रेश कुमार ने शुक्रवार को लखनऊ से रवाना होने से पहले संघ प्रमुख मोहन भागवत एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से धर्माचार्यों की मांग पर चर्चा करने का आश्वासन दिया।
शुक्रवार को संतों ने बैठक कर कहा कि काशी, अयोध्या, मथुरा के मठों एवं पीठों को प्रत्येक तरह के करों से मुक्त कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि मठों के पास कोई नियमित आय का साधन नहीं है लेकिन मठ ही प्राचीन गुरुकुल परंपरा को जीवित रखते हुए वैदिक विद्यार्थियों के रहने, खाने, पढ़ने की व्यवस्था करते हैं। मठ भारतीय संस्कृति को जिंदा रखने और सनातन धर्म के सबसे बड़े ध्वजावाहक हैं लेकिन करों के बोझ से दबकर खत्म होने के कगार पर पहुंच चुके हैं। मठों में बिजली पूरी तरह से नि:शुल्क हो, मठों के पीठाधीशों और विद्यार्थियों का राशन कार्ड बनाया जाए ताकि मठों में रहने वाले विद्यार्थियों को समुचित आहार मिलता रहे। मठों के लिये सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर दिया जाए, मठों के पीठाधीश्वरों को प्रोफेसर के बराबर वेतन दिया जाये और मठों में रहकर वेद अध्ययन करने वाले वेद पाठियों को छात्रवृत्ति दी जाए। प्राचीन मठों के प्रमुख संतों ने सरकार से बातचीत करने के लिये विशाल भारत संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव को अपना प्रतिनिधि नियुक्त किया है।