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काशी को 50 साल बाद 5वां विवि: फॉरेंसिक साइंस का पहला बैच शुरू, छह असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त; जानें खास

Sat, 15 Aug 2026 11:05 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: काशी को करीब 50 साल बाद पांचवां विश्वविद्यालय मिल गया है। जाल्हूपुर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी के ट्रांजिट कैंपस में कक्षाएं शुरू हो गई हैं। छह असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्त हुए हैं। फॉरेंसिक साइंस के दो पाठ्यक्रमों में 60 सीटों पर पढ़ाई शुरू हुई। स्थायी परिसर शहंशाहपुर में 50 एकड़ में विकसित होगा।
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जाल्हूपुर में पढ़ाई करते छात्र। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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काशी को करीब 50 साल बाद पांचवां विश्वविद्यालय मिल गया है। जाल्हूपुर में नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (एनएफएसयू) के गुजरात स्थित मुख्य परिसर का ट्रांजिट कैंपस शुरू हो चुका है। यहां फॉरेंसिक साइंस के पहले बैच की कक्षाएं भी शुरू हो गई हैं। छह असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति के साथ संस्थान ने शैक्षणिक गतिविधियों को गति दे दी है।

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एनएफएसयू के शुरू होने के साथ काशी में विश्वविद्यालयों की संख्या पांच हो गई है। अब बीएचयू, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और केंद्रीय तिब्बती अध्ययन संस्थान के साथ एनएफएसयू भी उच्च शिक्षा के प्रमुख संस्थानों में शामिल हो गया है। संस्थान का स्थायी परिसर 50 एकड़ जमीन पर शहंशाहपुर में विकसित किया जाएगा। फिलहाल जाल्हूपुर स्थित ट्रांजिट कैंपस से शिक्षण कार्य संचालित किया जा रहा है।

इससे पहले काशी विद्यापीठ को वर्ष 1974 में डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा मिला था। बाद में वर्ष 2009 में इसे राज्य विश्वविद्यालय के रूप में नामित किया गया। इसके करीब पांच दशक बाद काशी में फॉरेंसिक विज्ञान पर केंद्रित नए विश्वविद्यालय की शुरुआत को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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60 सीटों पर दो पाठ्यक्रमों की पढ़ाई शुरू
काशी में पहली बार फॉरेंसिक साइंस की विशेषज्ञ शिक्षा के लिए दो पाठ्यक्रमों में पढ़ाई शुरू हुई है। पांच वर्षीय बीएससी-एमएससी इन फॉरेंसिक साइंस और दो वर्षीय एमएससी इन फॉरेंसिक साइंस में 30-30 सीटें निर्धारित हैं। दोनों पाठ्यक्रमों की फीस 65 हजार रुपये प्रति सेमेस्टर है।

जाल्हूपुर कैंपस के निदेशक डॉ. सतीश कुमार ने बताया कि लंबे इंतजार के बाद एनएफएसयू का पहला बैच शुरू हो गया है। छात्रों को फॉरेंसिक विज्ञान की अत्याधुनिक शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। संस्थान से तैयार होने वाले विशेषज्ञ अपराध की वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य के विश्लेषण और न्यायिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।

स्थायी परिसर तैयार होने के बाद यहां सुविधाओं और पाठ्यक्रमों का और विस्तार होने की उम्मीद है। इससे काशी और पूर्वांचल के छात्रों को फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में उच्च स्तरीय शिक्षा और करियर के नए अवसर मिलेंगे।
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