एक नवंबर : पं. माता प्रसाद मिश्र व पं. रविशंकर मिश्र का कथक, कविता मोहन्ती का ओडिसी नृत्य, विदुषी श्वेता दुबे का गायन, विदुषी कमला शंकर का गिटार वादन, डॉ. रिपि मिश्र का शास्त्रीय गायन, डॉ. दिवाकर कश्यप व डॉ. प्रभाकर कश्यप का उपशास्त्रीय गायन, रवि शर्मा एवं समूह का ब्रज लोक नृत्य, पं. नवल किशोर मल्लिक का शास्त्रीय गायन।
दो नवंबर : शिवानी शुक्ला का गायन, प्रवीण उद्भव - तालयात्रा, राजकुमार तिवारी का गायन, डॉ. अर्चना आदित्य म्हस्कर का गायन, सवीर व साकार कलाकृति का लोक नृत्य, वंदना मिश्र का गायन, पं. साहित्य नाहर व पं. संतोष नाहर का सितार व वायलिन की जुगलबंदी, ओम प्रकाश का भजन गायन, पद्मश्री गीता चंद्रन का भरतनाट्यम।
तीन नवंबर : मीना मिश्रा का गायन, विशाल कृष्ण का कथक, दिव्या शर्मा का गायन, राकेश कुमार का लोकनृत्य, इंदु गुप्ता का लोक गायन, चेतन जोशी का बांसुरी वादन, कविता द्विवेदी का ओडिसी नृत्य, मालिनी अवस्थी का लोक गायन।
चार नवंबर : डॉ. शुभांकर डे का गायन, डॉ. प्रेम किशोर मिश्र का सितार वादन, राहुल रोहित मिश्र का शास्त्रीय गायन, रूपन सरकार समन्ता का शास्त्रीय गायन, वासुमती बद्रीनाथन का शास्त्रीय गायन, शिवानी मिश्रा का कथक, मानसी रघुवंशी का गायन और हंसराज रघुवंशी का भजन गायन।