वाराणसी। जिले में कांजी हाउस का संचालन सही तरीके से न करने के मामलों को जिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर जिले में बने 8 कांजी हाउस को शुरू कराकर उसकी फोटोग्राफ सहित सूचना भी मांगी है। जिले में मृत पशुओं के शवों के निस्तारण और आवारा पशुओं को रोकने को लेकर शासन-प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। इसके लिए जिला पंचायत को जिम्मेदारी दी गई है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अरुण कुमार सिंह को जो नोटिस जारी की है उसका जवाब सही तरीके से न मिलने पर दोबारा नोटिस जारी कर कार्यवाही की चेतावनी दी है। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला पंचायत के द्वारा जो भी कार्य कांजी हाउस चलाए जाने और मृत पशुओं के शव के निस्तारण को लेकर करना चाहिए वह नहीं किया गया है। साथ यह भी बताया कि अपर मुख्य अधिकारी ने अपने जवाब में केवल कटिहार चोलापुर में काजी हाउस स्थापित करने की बात लिखी है और मृतकों के निस्तारण के लिए कोई निर्णय नही हो सका है। बताया कि यदि ठेके के माध्यम से व्यवस्था नहीं हुई तो नए शासनादेश के अनुसार गो आश्रय स्थलों के रखरखाव के लिए व्यक्तियों की तैनाती भी की जानी थी जो नहीं की गई। ऐसे में मृत पशुओं के शवो के निस्तारण के लिए जिला पंचायत द्वारा कर्मचारी लगाकर राज्य वित आयोग के अंतर्गत धनराशि खर्च करके भी काम नहीं कराया जा सका इस वजह से मृत पशुओं और सड़कों पर दुर्घटना में मृत पशुओं के शवो का निस्तारण भी नहीं हो पा रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि हर ब्लॉक में एक-एक कांजी हाउस संचालित कराए जाने को भी कहा गया था लेकिन यह भी कार्य नहीं कराया गया। ऐसी स्थिति में मृत पशुओं के शवों का निस्तारण और आवारा पशुओं की समस्याओं को रोकने का कोई ठोस प्रयास न किया जाना शासन और उच्चाधिकारियों के आदेशों का उल्लंघन है। आवारा पशुओं की वजह से किसानों की बर्बाद हुई फसलों के लिए भी अपर मुख्य अधिकारी की लापरवाही जिम्मेदार है। चेतावनी दी है कि 1 सप्ताह के भीतर 8 कांजी हाउस चलाकर मृत पशुओं के निस्तारण के लिए दो वाहन और प्रत्येक वाहन पर न्यूनतम दो कर्मचारी के अनुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। अगर ऐसा नहीं होता है, विभागीय कार्यवाही की जाएगी।
15 जुलाई को भी जिलाधिकारी ने दिया थी नोटिस
जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी अरुण कुमार सिंह को मृत पशुओं के शवों के निस्तारण और कांजी हाउस संचालन को लेकर लापरवाही मामले में 15 जुलाई को भी जिलाधिकारी ने नोटिस जारी किया था। इसके बाद भी जब कोई कार्यवाही नहीं हुई तो फिर दोबारा यह नोटिस जारी की गई हैं।