वाराणसी। धर्मसम्राट की तपस्थली पर दीप से दीप जल उठे। पूरा धर्मसंघ परिसर दीयों की रौशनी से जगमगा उठा। करपात्र प्राकट्योत्सव की पूर्व संध्या पर गुरुवार को दुर्गा कुंड स्थित परिसर में करपात्र दीपावली का आयोजन किया गया। इस दौरान 40 हजार 800 दीए एक साथ प्रज्ज्वलित हुए। पूरे परिसर को विद्युत झालरों से भी सजाया गया था। सजावट हर किसी को बरबस ही अपनी तरफ आकर्षित कर रही थी।
गुरुवार को सायंकाल गोधूलि बेला में प्रांगण स्थित राम मंदिर, करपात्र सभागार, करपात्र प्रतिमा, महाराज निवास, अन्नपूर्णा भंडार, गौशाला करपात्र बाग सहित सभी जगहों पर एक साथ दीपक जलाए गए। धर्मसंघ पीठाधीश्वर स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्चारी महाराज एवं पं. जगजीतन पांडेय ने करपात्र प्रतिमा के समक्ष दीपक प्रज्जवलित किए। इसके उपरांत बटुकों ने एक साथ धर्मसंघ प्रांगण में दीपक जलाए। दीपकों से स्वास्तिक, ओमकार, त्रिशुल, नंदी, शंख, क मलपुष्प आदि प्रतीक चिन्ह बनाए गए थे। करपात्री महाराज की स्मृति में विभिन्न स्कूली बच्चों में रंगोली प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। जनपद स्तरीय प्रतियोगिता के जरिए समाज की कुरीतियों पर प्रहार किया गया।