वाराणसी। ब्रह्मा घाट पर साड़ी व्यापारी विजय यादव उर्फ बिज्जू को गोली मारने के मामले में कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने सोमवार को पाटन दरवाजा, गायघाट निवासी राजू डॉक्टर उर्फ अनिल यादव और आगागंज, जैतपुरा निवासी बबलू गौड़ उर्फ गोवर्धन को गिरफ्तार किया। दोनों को अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
सीओ कोतवाली प्रदीप सिंह चंदेल ने मंगलवार को बताया कि कोतवाली इंस्पेक्टर महेश पांडेय और क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी पांडेय सोमवार की रात गायघाट क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि बीती 18 मार्च को ब्रह्मा घाट पर विजय यादव उर्फ बिरजू को गोली मार कर हत्या का प्रयास करने वाले राजू डॉक्टर और बबलू गौड़ कार से पड़ाव की तरफ से आ रहे हैं। इस सूचना पर इंस्पेक्टर कोतवाली ने क्राइम ब्रांच प्रभारी और उनकी टीम के साथ राजघाट पुल के समीप गोवर्धन धाम मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते के पास घेरेबंदी की। कुछ ही देर में पड़ाव की ओर से आई कार को रुकने का इशारा किया गया तो ड्राइवर की बगल की सीट पर बैठा युवक भागने लगा। पुलिस टीम ने ड्राइवर समेत उसे पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों युवकों ने अपना नाम राजू डॉक्टर उर्फ अनिल यादव और बबलू गौड़ उर्फ गोवर्धन बताया। पुलिस ने दोनों के पास से एक तमंचा, दो कारतूस, दो मोबाइल, 43 सौ रुपये, सोने का ब्रेसलेट, अंगूठी और कार बरामद किया है। इंस्पेक्टर महेश पांडेय के अनुसार पूछताछ में राजू ने बताया कि सूरजकुंड उर्फ लक्सा निवासी विजय यादव से सट्टे के खेल में पैसे के लेनदेन को लेकर उसका विवाद था। इसे लेकर कई बार विजय बदमाशों के साथ उसे मारने के लिए उसके घर पर आ चुका था। इससे आजिज आकर उसने अपने साथी भैयालाल यादव, नैनी जेल में निरुद्ध राजेश यादव फूटे, गोपाल यादव और रिंकू यादव के साथ मिलकर विजय की हत्या की योजना बनाई। इसके बाद बबलू गौड़, सिक्की पटेल, रवि जायसवाल और मुन्ना पंडित को एक लाख रुपये की सुपारी देकर बीती 18 मार्च को विजय की हत्या कराने के लिए गोली चलवाई थी। विजय को गोली लगी लेकिन वह तब भी बच गया।
सट्टेबाजी और रंगदारी को लेकर बढ़ी थी रार
इंस्पेक्टर कोतवाली ने बताया कि राजू डॉक्टर, बबलू गौड़ और विजय यादव पहले एक-दूसरे के बेहद करीबी थे। तीनों जिले के कई बदमाशों के संपर्क में भी हैं। कोतवाली और आसपास के क्षेत्र में राजू डाक्टर और बबलू गौड़ अपने साथियों के साथ बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी का संचालन करते हैं। 2015 में कबीरचौरा में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाश रोहित सिंह सनी का करीबी बबलू गौड़ व्यापारियों से वसूली का काम भी कर रहा था। पैसे के बंटवारे को लेकर कुछ माह पहले इनमें मनमुटाव हो गया। इसके कारण विजय और राजू डॉक्टर अलग हो गए। दोनों के बीच जब तकरार बढ़ने लगी तो राजू और बबलू ने गैंग के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर विजय के हत्या की योजना बनाई थी। राजू डॉक्टर और बबलू गौड़ के खिलाफ कोतवाली और जैतपुरा थाने में हत्या का प्रयास, 25 आर्म्स एक्ट, लूट समेत कई आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज हैं।