पूर्णानंद ने बताया कि वह बंगलूरू में कॉरपोरेट इवेंट फोटोग्राफी का काम करते हैं। उनके मां-बाप कपड़े की बुनाई करते हैं। पूर्णांनद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से वह बहुत प्रभावित हैं। वह आश्वस्त हैं कि दोनों नेताओं के हाथ में देश सुरक्षित है और हर क्षेत्र में प्रगति हो रही है। इस लिए उन दोनों नेताओं के निरोग रहने और अपने मां-बाप व खुद की संतुष्टि के लिए छह वर्ष पहले उन्होंने धार्मिक यात्रा पैदल ही करने की सोची थी। अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तिथि नजदीक आई तो उनका आत्मविश्वास बढ़ा और वह 30 अक्तूबर 2023 को घर से पैदल ही निकल गए।
बनारस के डीआईजी मेरे गांव के ही हैं
पूर्णानंद ने बताया कि अपनी यात्रा में वह मंदिरों और धर्मशालाओं में ही ठहरे। सात्विक भोजन ही खाया। वहीं, गोदौलिया चौराहे पर पुलिसकर्मियों के साथ मौजूद एसीपी दशाश्वमेध अवधेश कुमार पांडेय से पूर्णानंद ने बताया कि बनारस कमिश्नरेट के अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) एस. चनप्पा मेरे गांव के ही हैं। अगर उनसे मुलाकात हो जाएगी तो हम दोनों को अच्छा लगेगा। इस पर एसीपी दशाश्वमेध ने अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) को सूचित कर उनके हाथों पूर्णानंद का सम्मान कराया।