करयुद्ध संप्रदाय के 17वें करमापा उग्येन त्रिनले दोरजे बीमार हो गए हैं। 20 फरवरी को सारनाथ पहुंचे करमापा को तेज बुखार है। उन्हें वज्र विद्या संस्थान में तिब्बती औषधियां दी जा रही हैं। उनकी अस्वस्थता की वजह से देश-विदेश में मौजूद उनके भक्तों में चिंता की लहर फैल गई है। करमापा के स्वास्थ्य लाभ के लिए शनिवार को भक्तों ने प्रार्थना सभा भी की।
करमापा शुक्रवार को सारनाथ पहुंचे। यहां आने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। वज्र विद्या संस्थान के भक्षु लवांग ने बताया कि करमापा को तेज बुखार है। उन्हें विशेषज्ञों की देखरेख में तिब्बती दवाएं दी जा रही हैं। हालांकि सुबह 6:30 बजे से 9:30 बजे तक हुई विशेष पूजा में वह शामिल हुए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संस्थान के भिक्षु भी मौजूद रहे।
दोपहर में श्रद्धालुओं ने करमापा से मिलकर उनका आशीर्वाद ग्रहण किया और उनका कुशलक्षेम पूछा। श्रद्धालुओं ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए प्रार्थना की। इस बीच, करमापा के दर्शन को आए श्रद्धालुओं का लौटने का सिलसिला भी शाम से शुरू हो गया। शाम सात बजे से ‘गेलबू दीमे कुंदुन’ ड्रामा का आयोजन संस्थान परिसर में हुआ। इसके माध्यम से बुद्ध चरित्र को बहुत ही प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया। करमापा अभी एक पखवारे तक सारनाथ में रहेंगे।