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फर्जीवाड़ा: विदेश में रह रहे डॉक्टर के नाम पर दे रहे थे रिपोर्ट, केस दर्ज; BJP नेता ने सीएम से की थी शिकायत

Mon, 15 Jul 2024 05:09 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में चार जगह फर्जी तरीके से करौली डायग्नोस्टिक सेंटर चल रहा है। इसे लेकर भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री से शिकायत की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर लंका थाने की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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संकटमोचन, मंडुवाडीह, मलदहिया और भोजूबीर में करौली डायग्नोस्टिक सेंटर के द्वारा फर्जीवाड़ा कर पैथालॉजी सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। आमजन के स्वास्थ्य से हो रहे खिलवाड़ के इस खेल में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत है। यह शिकायत भाजपा की जिला कार्यसमिति के सदस्य अजय कुमार उपाध्याय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है। मुख्यमंत्री के निर्देश के आधार पर लंका थाने में धोखाधड़ी और कूटरचना सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की है।

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अजय कुमार उपाध्याय के अनुसार संकटमोचन, मंडुवाडीह, मलदहिया और भोजूबीर इलाके में करौली डायग्नोस्टिक सेंटर की शाखाएं हैं। मरीजों की जांच रिपोर्ट में अपोलो हॉस्पिटल, चेन्नई के पूर्व सीनियर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एस सेंथील कुमार का फर्जी हस्ताक्षर किया जाता है। जबकि, वह गत दो वर्ष से ज्यादा समय से विदेश में सेवा दे रहे हैं। 

डॉ. सेंथील ने देश छोड़ते समय वाराणसी के मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भेज कर सूचित किया था कि वह विदेश जा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि अब न कोई सेंटर चला रहा हूं और न किसी सेंटर में कार्यरत हूं। इसके बावजूद आमजन के स्वास्थ्य की परवाह किए बगैर वाराणसी के सीएमओ कार्यालय द्वारा करौली डायग्नोस्टिक सेंटर के प्रबंध निदेशक से मोटी रकम लेकर डॉ. सेंथील के पत्र को दबा दिया गया। साथ ही, फर्जी और मनमाने तरीके से चार जगह करौली डायग्नोस्टिक सेंटर चलाया जा रहा है।

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अजय कुमार उपाध्याय ने कहा कि डॉ. सेंथील के फर्जी हस्ताक्षर से जांच रिपोर्ट जारी कर उनके नाम और पदनाम का दुरुपयोग करते हुए आमजन के स्वास्थ्य के साथ बड़े पैमाने पर खेल खेला जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी इस फर्जीवाड़े में शामिल हैं। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच शासन स्तर से समिति गठित कर कराना आवश्यक है। उधर, इस संबंध में लंका थानाध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों का सहयोग लेकर प्रकरण की जांच की जाएगी।

अधिकारी बोले
डॉ. सेंथील की कोई चिट्ठी नहीं मिली है। शिकायत के आधार पर करौली डायग्नोस्टिक सेंटर बंद करने के लिए संचालक को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। -डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ
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