मारवाड़ी युवा फाउंडेशन अरिंदम परिवार की ओर से भगवान शिव को समर्पित भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में 501 गंगाजल से भरे कलशों को भक्तों ने श्रद्धापूर्वक कंधे पर उठाकर गिरजाघर चौराहे से लक्सा, कमच्छा होते हुए बैजनत्था के बाबा बैजनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंचाया।
यात्रा का शुभारंभ आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. दयाशंकर मिश्र दयालु ने बाबा भोलेनाथ की चलायमान प्रतिमा की आरती व पूजन कर किया। उन्होंने भक्तों को कांवड़ प्रदान कर यात्रा के पहले चरण की शुरुआत कराई। उन्होंने कहा काशी अध्यात्म और संस्कृति की राजधानी है, जो हर सनातन परंपरा को पूरे उत्साह, भक्ति और उल्लास के साथ मनाती है। यहां की जनता अपने आचरण और निष्ठा से हर पर्व को जीवंत करती है। यही कारण है कि काशी को धर्म और संस्कृति की आत्मा माना जाता है। डॉ. दयालु ने कहा कि बैजनाथ कांवड़ यात्रा भी उसी सनातन परंपरा की एक सशक्त कड़ी है। उन्होंने कहा कि जो आनंद बैजनाथ धाम में जाकर गंगाजल अर्पण करने से मिलता है, उसी अनुभव को काशीवासी इस यात्रा के माध्यम से जीते हैं। यात्रा मार्ग में भक्तगण बाबा की पालकी को अपने कंधों पर उठाए हर-हर महादेव और हर-हर बम-बम के जयघोष के साथ नृत्य करते चल रहे थे। यात्रा में कन्हैया लोहिया ने डॉ. दयालु का स्वागत दुपट्टा व हस्तनिर्मित स्मृति चिन्ह भेंट कर किया। यात्रा का संयोजन और संचालन प्रमोद राय ने किया। गौरव राठी ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत किया। यात्रा के मार्ग में केसर मिश्रित गुलाब जल का छिड़काव संस्था के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल व उनकी टीम ने किया। यात्रा में मारवाड़ी समाज और श्याम मंदिर परिवार से महिला और अरुण पांडेय मौजूद रहे।